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जालौन। आस्था की यात्रा मातम में बदल गई। Jalaun के कालपी क्षेत्र में सोमवार सुबह ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। Ayodhya से दर्शन कर लौट रहा एक परिवार मौत के मुंह में समा गया। तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी और पलक झपकते ही 6 जिंदगियां खत्म हो गईं, जबकि 4 लोग गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

सुबह 6 बजे मौत बनकर आया हादसा, NH-27 पर बिखर गई खुशियां

घटना झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर कालपी कोतवाली क्षेत्र के 84 गुंबद के पास हुई। सुबह करीब 6 बजे, जब परिवार Lalitpur लौट रहा था, तभी अचानक कार चालक को झपकी आ गई। तेज रफ्तार (करीब 100 किमी/घंटा) में दौड़ रही टवेरा सीधे आगे चल रहे ट्रक में जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। आसपास के लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि कई मीटर दूर तक आवाज गूंजी और देखते ही देखते सड़क पर चीख-पुकार मच गई।

एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, नाम सुनकर कांप उठा इलाका

इस हादसे में जिन 6 लोगों की मौत हुई, वे सभी एक ही परिवार से थे। मृतकों में शशिकांत तिवारी (49), कृष्णकांत नायक, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी और अंशुल तिवारी शामिल हैं। सभी Mahruni (महरौनी, ललितपुर) के निवासी बताए जा रहे हैं। परिवार अयोध्या में दर्शन कर लौट रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी। गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, कोहराम मच गया। हादसे के बाद कार पूरी तरह पिचक गई और अंदर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य में जुट गए। करीब एक घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। कटर मशीन से कार के दरवाजे काटकर घायलों को बाहर निकाला गया। कई लोग खून से लथपथ हालत में कराहते रहे। घायलों में स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज भोंडले और देशराज समेत 4 लोग शामिल हैं, जिन्हें तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

4 की मौके पर मौत, 2 ने अस्पताल में तोड़ा दम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि 4 लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं 2 अन्य घायलों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों की हालत बेहद गंभीर थी और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि जान नहीं बच सकी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण चालक को नींद आना था। पुलिस के अनुसार, लंबी दूरी तय करने के दौरान चालक को झपकी आई, जिससे कार अनियंत्रित हो गई और यह भीषण हादसा हो गया। Vinay Kumar Singh (एसपी जालौन) ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर की जाएगी।

अस्पताल पहुंचे अधिकारी, इलाज में लापरवाही न हो—सख्त निर्देश

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। यह हादसा एक बार फिर हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार, लंबी दूरी और ड्राइवर की थकान—ये तीनों कारण अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे सफर के दौरान ड्राइवर को समय-समय पर आराम देना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को खत्म कर सकती है, जैसा कि इस घटना में हुआ।

गांव में पसरा मातम, एक साथ उठेंगी 6 अर्थियां

महरौनी गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, पूरा गांव सन्न रह गया। एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जालौन का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है। हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। आस्था से भरी यह यात्रा जिस तरह मातम में बदली, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अब जरूरत है कि लोग भी सतर्क रहें और प्रशासन भी सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बरते।

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