धनबाद। झारखंड के धनबाद में बीजेपी एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित उनके घर में मिला शव अब कई सवाल खड़े कर रहा है। मामला जितना निजी दिख रहा है, उतना ही उलझा हुआ भी है। पुलिस इसे हत्या और आत्महत्या—दोनों एंगल से जांच रही है, लेकिन परिवार का आरोप साफ है—यह मौत नहीं, साजिश है।
घर के भीतर सुलगती रही चिंगारी, आखिर बन गई मौत की वजह?
अमृत दास की पारिवारिक जिंदगी ही उनकी मौत की सबसे बड़ी वजह बनती दिख रही है। उन्होंने दो सगी बहनों से शादी की थी—एक ऐसा फैसला जिसने घर को धीरे-धीरे रणभूमि में बदल दिया। सूत्र बताते हैं कि दोनों पत्नियों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। छोटी-छोटी बातों पर शुरू हुआ विवाद अब गहरी नफरत में बदल चुका था। पड़ोसियों के मुताबिक, घर में अक्सर झगड़े की आवाजें आती थीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह विवाद इतनी खौफनाक अंजाम तक पहुंच जाएगा।
‘शॉपिंग’ बना मौत का ट्रिगर! छोटी बात से बड़ा बवाल
घटना से ठीक पहले का एक मामूली विवाद अब पूरे केस की धुरी बन गया है। बताया जा रहा है कि अमृत दास अपनी दूसरी पत्नी को शॉपिंग कराने ले गए थे। इस बात से पहली पत्नी बेहद नाराज हो गई। यहीं से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। परिवार के लोगों का दावा है कि इसी झगड़े के दौरान अमृत दास की हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की पुष्टि नहीं कर रही है, लेकिन इसे गंभीरता से जांच में शामिल किया गया है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, पत्नियों के बयान में विरोधाभास
गोविंदपुर पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और हर पहलू की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना की रात घर में क्या हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों पत्नियों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। एक तरफ जहां वे घटना को सामान्य बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ बयान संदेह को और गहरा कर रहे हैं। थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद रावत ने बताया कि फिलहाल पुलिस “वेट एंड वॉच” की स्थिति में है और हर सबूत को जोड़कर आगे बढ़ रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनेगी सबसे बड़ा सबूत
अमृत दास की मौत कैसे हुई—यह सवाल अभी सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस केस की दिशा तय कर सकती है। संभावनाएं कई हैं—दम घुटने से मौत, जहर देकर हत्या या फिर आत्महत्या। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई सैंपल इकट्ठा किए हैं, जिनकी जांच जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि यह एक पारिवारिक विवाद का दुखद अंत है या फिर सुनियोजित हत्या।
मां और बहन का फूटा गुस्सा—‘हमारे बेटे को मार दिया गया’
अमृत दास की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनकी मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि दोनों पत्नियों ने मिलकर अमृत की हत्या की है। मां का कहना है कि जिस बेटे ने पूरे परिवार को जोड़ा, उसी को घर के भीतर खत्म कर दिया गया। उनके आरोपों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
दो बहनों की ‘सौतन’ की लड़ाई, रिश्तों का हुआ खून
यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने की भयावह कहानी भी है। दो सगी बहनों के बीच पति को लेकर उपजी ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा धीरे-धीरे नफरत में बदल गई। गांव के लोग बताते हैं कि अमृत दास मिलनसार और मददगार व्यक्ति थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि जिन रिश्तों को उन्होंने अपनाया, वही उनकी जान के दुश्मन बन जाएंगे। घर की चारदीवारी के भीतर चल रही यह ‘सौतन वाली जंग’ आखिरकार एक जिंदगी लील गई।
इलाके में दहशत, लोग कर रहे सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पूरे गोविंदपुर इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग दबी जुबान में इस केस पर चर्चा कर रहे हैं और पुलिस से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह हत्या है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
जांच की हर परत खुलना बाकी, पुलिस पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल यह मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है। पुलिस हर एंगल से पड़ताल कर रही है—पारिवारिक विवाद, मानसिक दबाव, आर्थिक कारण और आपसी रिश्तों की जटिलता। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट इस केस की दिशा तय करेंगे। तब तक पूरा धनबाद इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है—क्या यह आत्महत्या है या फिर एक सोची-समझी हत्या?