उत्तर प्रदेश में आयोजित उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कई जिलों में अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेज, गलत पहचान और नकल के मामलों का खुलासा हुआ है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने छह एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। 75 जिलों में आयोजित इस विशाल भर्ती परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, फिर भी सामने आई गड़बड़ियों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई जिलों में पकड़ी गई फर्जी पहचान और दस्तावेजों की गड़बड़ी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान का इस्तेमाल करने के मामले सामने आए। जांच के दौरान पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में जन्मतिथि और नाम में बदलाव कर परीक्षा देने की कोशिश की। मेरठ के एक परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थी ने आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में जन्मतिथि में हेरफेर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए थे। इसी तरह वाराणसी के एक केंद्र पर ई-केवाईसी के दौरान खुलासा हुआ कि एक अभ्यर्थी पहले भी किसी अन्य नाम और पते से परीक्षा दे चुका था। इन मामलों के सामने आने के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और कड़ा कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
बदायूं, अलीगढ़ और सहारनपुर में भी सामने आए नकल के मामले
एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान कई अन्य जिलों में भी गड़बड़ियां सामने आईं। बदायूं के एक परीक्षा केंद्र पर आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया। इसके अलावा अलीगढ़ और सहारनपुर के परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की अनियमितताएं पकड़ी गईं। सहारनपुर के एक केंद्र पर दो अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट बदलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। यह मामला सामने आते ही परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों को हिरासत में ले लिया। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने संबंधित जिलों में छह अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन मामलों के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था।
STF ने पकड़ा भर्ती परीक्षा पास कराने वाला गिरोह
इसी बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने परीक्षा में पास कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अनुज कुमार को मथुरा से पकड़ा गया है। जांच में सामने आया कि अनुज अभ्यर्थियों को एक अन्य व्यक्ति गोकुल रावत से मिलवाता था, जो परीक्षा पास कराने के नाम पर करीब 22 लाख रुपये की मांग करता था। यह गिरोह अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाता था कि वह उन्हें किसी न किसी तरीके से परीक्षा में पास करा देगा। पुलिस को आरोपी के पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
75 जिलों में 1090 केंद्रों पर हुई थी विशाल परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 14 और 15 मार्च को एसआई सिविल पुलिस और समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा प्रदेश के 75 जिलों में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में संपन्न कराई गई। इस भर्ती परीक्षा में कुल 15 लाख 75 हजार 760 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। हालांकि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित भी रहे। भर्ती बोर्ड के अनुसार पहले दिन दो पालियों में आयोजित परीक्षा में 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन करीब 2.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरे दिन भी लगभग इतनी ही संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। कुल मिलाकर करीब पांच लाख अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
प्रश्न को लेकर भी मचा विवाद, जांच की मांग तेज
एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान पूछे गए एक प्रश्न को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। कई राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। कई नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रश्न पूछना परीक्षा की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में फर्जीवाड़ा, नकल और विवादों की घटनाएं भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। सरकार और भर्ती बोर्ड अब इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की तैयारी में हैं ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।