उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। चौक क्षेत्र के लाजपत नगर में रहने वाले एक वकील ने अपनी दूसरी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही पांच साल के मासूम बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई। जब पुलिस जांच के लिए आरोपी दंपती को घर लेकर पहुंची तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और भीड़ ने उन्हें पीटने की कोशिश कर दी। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि समाज को झकझोर देने वाली हैवानियत की कहानी बन गई है।
पिता और सौतेली मां की बेरहमी से गई मासूम की जान
लखनऊ के चौक इलाके के लाजपत नगर में रहने वाले अधिवक्ता भीष्म ने अपनी दूसरी पत्नी रागिनी के साथ मिलकर अपने पांच साल के बेटे अरनव के साथ ऐसी क्रूरता की कि उसकी जान चली गई। पुलिस के अनुसार यह बच्चा भीष्म की पहली पत्नी से था और गुरुवार को उसे बेरहमी से पीटा गया। बताया जा रहा है कि मासूम अरनव को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार मारपीट से उसके शरीर पर कई चोटें आईं और अंततः उसकी मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात के बाद आरोपी दंपती ने पुलिस और रिश्तेदारों को गुमराह करने के लिए बच्चे की बीमारी की झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि बच्चा अचानक बीमार हो गया था, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी।
नानी को हुआ शक, खुल गई पूरी सच्चाई
इस मामले का सबसे अहम मोड़ तब आया जब बच्चे की नानी सुधा को घटना की जानकारी मिली। उन्हें जब बताया गया कि बच्चा बीमार होने से मर गया है तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने अरनव के कपड़े हटाकर उसके शरीर को देखा तो उनके होश उड़ गए। बच्चे के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। इससे साफ हो गया कि उसकी मौत किसी बीमारी से नहीं बल्कि बेरहमी से की गई पिटाई से हुई है। नानी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद चौक थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता भीष्म और उसकी दूसरी पत्नी रागिनी को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हो गई कि बच्चे की मौत पिटाई के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया।
पुलिस जांच में घर से मिले कई खौफनाक सबूत
शनिवार को पुलिस टीम साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी दंपती को उनके घर लेकर पहुंची। इस दौरान घर की तलाशी ली गई तो कई ऐसे सामान बरामद हुए जो इस क्रूरता की कहानी बयान कर रहे थे। पुलिस ने घर से झाड़ू, वाइपर, सब्जी काटने वाला चाकू, स्केल, बेल्ट और रस्सी जैसे कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन चीजों का इस्तेमाल बच्चे को पीटने में किया गया हो सकता है। करीब एक घंटे तक पुलिस ने मौके पर जांच की और साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी नागेश उपाध्याय के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अदालत से उनकी 14 दिन की रिमांड मांगी गई है।
आरोपियों को देखकर फूटा मोहल्ले वालों का गुस्सा
जब पुलिस आरोपी दंपती को लेकर उनके घर पहुंची तो देखते ही देखते आसपास के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए। मासूम बच्चे की हत्या की खबर पहले ही पूरे इलाके में फैल चुकी थी। लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि कई लोग नारेबाजी करते हुए आरोपियों को पुलिस के हवाले करने की मांग करने लगे। कुछ लोग तो गेट फांदकर घर के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। करीब एक घंटे तक पुलिस ने किसी तरह भीड़ को नियंत्रित रखा। जब पुलिस आरोपी पति-पत्नी को घर से बाहर लेकर निकली तो भीड़ और उग्र हो गई। कई लोगों ने उन्हें पीटने की कोशिश की और गाली-गलौज करते हुए कड़ी सजा की मांग की। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों को भीड़ से बचाते हुए वहां से निकाला।
मोहल्ले में अलग-थलग रहते थे आरोपी
स्थानीय लोगों के अनुसार भीष्म और उसकी पत्नी रागिनी का मोहल्ले में किसी से ज्यादा संपर्क नहीं था। पड़ोसियों का कहना है कि वे अक्सर घर में ही रहते थे और लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। एक स्थानीय निवासी अमन ने बताया कि अरनव को भी वे ज्यादा बाहर नहीं निकलने देते थे। बच्चा अक्सर घर के अंदर ही रहता था और मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने भी नहीं आता था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। लोग इस घटना को इंसानियत के खिलाफ सबसे बड़ी क्रूरता बता रहे हैं और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।