संभल में तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां देर रात एक कार ट्रैक्टर से जा भिड़ी और उसके परखच्चे उड़ गए। कार में सवार सभी युवक कम उम्र के बताए जा रहे हैं, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि स्टेयरिंग पर नाबालिग था। हादसे में पांच लोग घायल हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अब इस सवाल की तह तक पहुंचने में जुटी है कि आखिरकार कार कौन चला रहा था।
स्टेयरिंग पर कम उम्र, सड़क पर कहर
उत्तर प्रदेश के संभल में गुरुवार की रात एक बार फिर लापरवाही और तेज रफ्तार का खौफनाक नतीजा सामने आया। नखासा थाना क्षेत्र के एचएम ग्लोबल स्कूल के पास देर रात एक कार और ट्रैक्टर के बीच ऐसी भीषण भिड़ंत हुई कि कार के परखच्चे उड़ गए। आसपास के लोग तेज धमाके की आवाज सुनकर घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और अंदर फंसे युवक दर्द से कराह रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा – नाबालिग दौड़ा रहा था कार
हादसे के चश्मदीदों ने दावा किया कि कार को एक नाबालिग चला रहा था। कार में सवार सभी युवक 17 से 19 वर्ष की आयु के बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस आधिकारिक पुष्टि से पहले जांच कर रही है कि चालक वास्तव में नाबालिग था या बालिग। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला सिर्फ सड़क हादसा नहीं बल्कि गंभीर कानूनी उल्लंघन का भी रूप ले सकता है।
टक्कर इतनी भीषण कि उड़ गए परखच्चे
बताया जा रहा है कि कार तेज रफ्तार में थी। सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उसकी सीधी भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह दरवाजे खोलकर घायलों को बाहर निकाला। कुछ लोग बेहोशी की हालत में मिले।
पांच घायल, तीन की हालत नाजुक
पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा। पांचों युवक घायल हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक घायल को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। चौकी इंचार्ज हिंदूपुरा खेड़ा विशाल शर्मा के अनुसार, सभी घायल कम उम्र के हैं। मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर चालक की उम्र का सत्यापन किया जाएगा।
क्या संभल ने फिर नहीं सीखा सबक?
यह पहली बार नहीं है जब संभल में तेज रफ्तार ने जिंदगी छीनी हो। पिछले वर्ष नवंबर में गंगा एक्सप्रेसवे पर कार और बोलेरो की आमने-सामने की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में भी वाहन पूरी तरह पिचक गए थे। लगातार हो रहे हादसे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
नाबालिग ड्राइविंग: बढ़ती चिंता
प्रदेश भर में नाबालिगों के वाहन चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। परिवार और समाज की लापरवाही कई बार जानलेवा साबित होती है। कम उम्र में तेज रफ्तार गाड़ी चलाना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि यह दूसरों की जान को भी खतरे में डालता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि माता-पिता को बच्चों को वाहन की चाबी देने से पहले जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाना चाहिए।
पुलिस की जांच और अगला कदम
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कार की रफ्तार कितनी थी और स्टेयरिंग पर कौन था। अगर चालक नाबालिग पाया जाता है, तो उसके अभिभावकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हादसे की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।