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बिजनौर में रिश्तों को कलंकित कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां घर जमाई बनकर रह रहे दामाद ने ही अपने ससुराल को निशाना बना डाला। लालच और संपत्ति के डर ने उसे इस कदर अंधा किया कि उसने भाई और दोस्त के साथ मिलकर करीब चार करोड़ रुपये के सोना-चांदी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी बरामदगी की है।

घर जमाई निकला घर का लुटेरा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस दामाद को बेटी की जिंदगी का सहारा समझकर ससुराल वालों ने अपने घर में जगह दी, वही उनके सपनों और भरोसे का कातिल बन बैठा। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसने ऐसा खेल रचा कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। नवीन कुमार, जो 2024 में शादी के बाद ससुराल में रह रहा था, पर आरोप है कि उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर करोड़ों की चोरी की साजिश रची। घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।

संपत्ति के शक ने बोया लालच का बीज

पीड़ित संतोष वर्मा, जो नहटौर के मोहल्ला कैथला के निवासी हैं, ने अपनी मूकबधिर इकलौती बेटी स्वाति की शादी बड़ी उम्मीदों के साथ की थी। आठ अक्टूबर 2024 को विवाह के बाद नवीन ससुराल में ही रहने लगा। पुलिस जांच में सामने आया कि नवीन को शक था कि उसके ससुर अपनी संपत्ति किसी अन्य रिश्तेदार के नाम कर सकते हैं। यही शक धीरे-धीरे लालच में बदला और फिर जन्म लिया एक सुनियोजित साजिश ने। रिश्तों की गर्माहट के पीछे छिपा यह लालच आखिरकार करोड़ों की चोरी में बदल गया।

नशीली साजिश और एक रात में साफ हुआ खजाना

आरोप है कि 25 फरवरी की रात नवीन ने ससुराल वालों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। पूरा परिवार गहरी नींद में चला गया और उसी दौरान घर में रखी तिजोरियों से नकदी और जेवरात समेट लिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक लाख रुपये नकद, 900 ग्राम सोना और 40 किलो चांदी चोरी हुई। सुबह जब परिवार को होश आया तो घर का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट व सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।

गलाकर बदली पहचान, लेकिन बच न सका

यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि बेहद चालाकी से की गई साजिश थी। आरोपियों ने 23.5 किलो चांदी को गलाकर सिल्ली में बदल दिया, ताकि पहचान छुपाई जा सके और बाजार में आसानी से खपाया जा सके। लेकिन तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरा जाल खोल दिया। शनिवार को नवीन कुमार, उसके भाई कुनाल, मित्र शिवम चौहान और चोरी का माल खरीदने वाले सुनार शिवम सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया।

करोड़ों की बरामदगी ने चौंकाया

एएसपी देहात प्रकाश कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से 2,233 ग्राम सोने के जेवरात, 23 किलो चांदी, 2.80 लाख रुपये नकद, ढाई लाख रुपये की बैंक जमा पर्ची और नशीली गोलियां बरामद की गई हैं। बरामदगी का आंकड़ा पीड़ित द्वारा बताए गए नुकसान से भी अधिक निकला। कुल कीमत लगभग चार करोड़ रुपये आंकी गई है।

रिश्तों की आड़ में बढ़ता अपराध

यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि रिश्तों में पनपते अविश्वास और लालच का भी आईना है। घर जमाई की अवधारणा जहां भरोसे और अपनापन दर्शाती है, वहीं इस घटना ने उस विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर आक्रोश और हैरानी दोनों हैं। लोग कह रहे हैं कि जब घर के अंदर से ही विश्वासघात हो, तो समाज किस पर भरोसा करे?

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अपराध कितना भी शातिराना क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी कहीं इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया है।

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