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बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में “मुस्लिम मोहल्ला किधर है?” पूछना तीन भाइयों को भारी पड़ गया। जकात मांगने गए इन युवकों को कथित तौर पर स्कूटी सवार युवक अक्षय ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासत गरमा गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

सवाल से शुरू हुआ विवाद, सड़क पर उतरी हिंसा

Badaun जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कस्बा रुदायन में 15 फरवरी को हुई मारपीट की घटना अब कानूनी मोड़ ले चुकी है। बताया जाता है कि सहसवान के मोहल्ला दहलीज निवासी जावेद अपने साथियों आरिफ और अब्दुल सलाम के साथ रमजान के मद्देनजर जकात मांगने रुदायन पहुंचे थे। चार किलोमीटर दूर कस्बे की एक गली में उन्होंने स्कूटी सवार युवक अक्षय से मुस्लिम मोहल्ले का पता पूछ लिया। आरोप है कि यही सवाल विवाद की वजह बन गया।

“भड़क गया और मारपीट शुरू कर दी”

पीड़ित जावेद के भाई अरमान का दावा है कि मोहल्ले का नाम सुनते ही अक्षय भड़क गया। उसने स्कूटी साइड में खड़ी की और बिना किसी बातचीत के थप्पड़-घूंसे बरसाने लगा। आरोप है कि तीनों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया। वायरल वीडियो में एक युवक तीन लोगों को गालियां देते और धक्का देते नजर आता है, जबकि उसके दो साथी पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सामने आया और देखते ही देखते वायरल हो गया। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कोर्ट में पेशी, जेल भेजा गया आरोपी

घटना के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक अक्षय को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। Uttar Pradesh Police के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है। सीओ बिल्सी सुनील कुमार ने कहा कि “जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

सोशल मीडिया पर सियासत गरम

घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने इसे समाज में बढ़ती असहिष्णुता का संकेत बताया। Indian National Congress की उत्तर प्रदेश इकाई ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार को घेरा। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पार्टी ने दावा किया कि सड़क पर रोककर बिना उकसावे मारपीट करना “नफरत का सामान्यीकरण” दर्शाता है। हालांकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

वीडियो की जांच और स्थानीय माहौल

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो में दिख रहा घटनाक्रम पूरा है या एडिटेड अंश है। डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए वीडियो की टाइमिंग और लोकेशन की पड़ताल की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा है। प्रशासन का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

जकात और पारंपरिक पेशा

पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनका परिवार कब्र खोदने का पारंपरिक काम करता है और जब काम नहीं मिलता तो जकात मांगकर गुजारा चलता है। उनका दावा है कि घटना में किसी प्रकार की उकसावे वाली बात नहीं थी, केवल रास्ता पूछा गया था। वहीं पुलिस सभी पहलुओं पर जांच की बात कर रही है—क्या सिर्फ रास्ता पूछना कारण था या पहले से कोई विवाद मौजूद था।

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