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कानपुर: बिहार कैडर की तेजतर्रार IAS अधिकारी कृतिका मिश्रा आज जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं। वह लखनऊ में तैनात IAS अधिकारी अंकुर त्रिपाठी के साथ विवाह बंधन में बंधेंगी। कानपुर के मैनावती स्थित क्रैनबेरी लॉन में आयोजित यह विवाह समारोह भव्यता, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम बन गया है। प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट पहचान बनाने वाले दो युवा अधिकारियों का यह मिलन न केवल पारिवारिक उत्सव है, बल्कि प्रेरणा की एक सुंदर कहानी भी है।

मसूरी से शुरू हुआ सफर

कृतिका मिश्रा और अंकुर त्रिपाठी की पहली मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होने के बाद जब दोनों प्रशिक्षण के लिए पहुंचे, तभी उनके बीच परिचय हुआ। साथ पढ़ाई, प्रशिक्षण गतिविधियों और प्रशासनिक चर्चाओं के बीच धीरे-धीरे यह परिचय मित्रता में बदल गया। समय के साथ यह मित्रता गहरी समझ और विश्वास में तब्दील हो गई। दोनों ने अपने करियर की जिम्मेदारियों को समझते हुए रिश्ते को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। परिवारों की सहमति और आशीर्वाद के बाद 30 नवंबर 2025 को लखनऊ में दोनों की सगाई संपन्न हुई थी।

परिवार और पृष्ठभूमि

कृतिका मिश्रा मूल रूप से कानपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शहर में ही प्राप्त की और बाद में कड़ी मेहनत और लगन से UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की। उनके पिता दिवाकर मिश्रा ने बताया कि बेटी के IAS बनने के बाद विवाह के लिए उपयुक्त वर की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान अंकुर त्रिपाठी का प्रस्ताव आया, जो हर दृष्टि से उपयुक्त लगा। वहीं अंकुर त्रिपाठी अमेठी जिले के जगदीशपुर ब्लॉक के कचनाव गांव से ताल्लुक रखते हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने भी कड़ी मेहनत के बल पर सिविल सेवा में स्थान प्राप्त किया। दोनों परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस रिश्ते को स्वीकार किया।

सनातन थीम में सजा विवाह स्थल

विवाह समारोह को विशेष रूप से सनातन परंपरा की थीम पर सजाया गया है। प्रवेश द्वार पर भगवान श्रीराम और हनुमानजी के भव्य कटआउट लगाए गए हैं, जो मेहमानों का स्वागत कर रहे हैं। मंडप के समीप भगवान जगन्नाथ की तस्वीर स्थापित की गई है, वहीं अंदर भगवान श्रीराम और माता सीता की बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं। मंडप को नारियल के गोले, कलावा और पारंपरिक सजावट से मंदिर जैसा स्वरूप दिया गया है। शाम ढलते ही विशेष लाइटिंग व्यवस्था से पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से जगमगा उठा। विवाह स्थल की सजावट ने मेहमानों को पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक दी।

प्रशासनिक सेवा के दो सितारों का मिलन

यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो प्रशासनिक प्रतिभाओं का संगम भी है। दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने कैडर में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी के लिए यह विवाह प्रेरणा का स्रोत बन गया है कि कैसे पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच भी व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाया जा सकता है। समारोह में प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई अधिकारी, परिजन और करीबी मित्र शामिल हुए। सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि आयोजन शालीन और गरिमामय बना रहे।

परंपरा और आधुनिकता का संतुलन

विवाह में पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए जाएंगे। वहीं आयोजन में आधुनिक प्रबंधन और सुव्यवस्था भी देखने को मिल रही है। यह शादी इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक प्रशासनिक सोच और भारतीय संस्कृति साथ-साथ चल सकते हैं। कृतिका और अंकुर की कहानी आज युवाओं के बीच चर्चा का विषय है। UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करने के बाद जीवनसाथी के रूप में समान सोच और मूल्यों वाले व्यक्ति का चयन, उनके निर्णय की परिपक्वता को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

जैसे ही शादी की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। लोग इस जोड़ी को “पावर कपल” कहकर संबोधित कर रहे हैं। कई युवाओं ने इसे प्रेरणादायक प्रेम कहानी बताया, जो प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग और समझ पर आधारित है।

नई शुरुआत

आज जब कृतिका मिश्रा और अंकुर त्रिपाठी सात फेरे लेकर एक-दूसरे के जीवनसाथी बनेंगे, तो यह केवल एक व्यक्तिगत रिश्ता नहीं होगा, बल्कि दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की साझी यात्रा की शुरुआत होगी। दोनों अपने-अपने दायित्वों के साथ जीवन की नई पारी शुरू करेंगे। कानपुर में आयोजित यह विवाह समारोह भव्यता, संस्कृति और सादगी का अनूठा मिश्रण बन गया है। सनातन परंपराओं के बीच संपन्न हो रहा यह पावन आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में रहेगा।

दोनों परिवारों के आशीर्वाद और शुभचिंतकों की मंगलकामनाओं के साथ यह नवदंपती अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। प्रशासनिक सेवा के इन दो उज्ज्वल चेहरों का यह मिलन न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

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