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युवाओं के पास नौकरी नहीं और किसान परेशान, सबको किया गया नजरअंदाज। मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने कहा कि यह बजट देश की जमीनी सच्चाइयों और आने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए यूनियन बजट पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के बजट पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश के असली संकटों से अनजान बताया है। राहुल गांधी का कहना है कि यह बजट न तो युवाओं को रोजगार देता है और न ही किसानों की परेशानियों को दूर करता है।

बजट पेश होने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि देश का युवा आज बेरोज़गारी से जूझ रहा है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगातार गिरावट में है, फिर भी सरकार इस दिशा में सुधार करने से इनकार कर रही है।

राहुल गांधी ने निवेश को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विदेशी और घरेलू निवेशक अपनी पूंजी भारत से बाहर निकाल रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि देश में घरेलू बचत तेजी से घट रही है, जिससे आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा कमजोर हो रही है।

कांग्रेस नेता ने किसानों की हालत पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसान लगातार परेशान हैं, उनकी आय नहीं बढ़ रही है और महंगाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसके बावजूद बजट में किसानों को राहत देने के लिए कोई बड़ा और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

राहुल गांधी ने आने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों को लेकर भी सरकार को आगाह किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है, लेकिन मोदी सरकार का बजट इन संभावित संकटों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है। उनके मुताबिक, यह एक ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है और केवल आंकड़ों की बाजीगरी तक सीमित है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह बजट भारत की वास्तविक समस्याओं—बेरोजगारी, किसान संकट, गिरता निवेश और कमजोर होती अर्थव्यवस्था—का समाधान नहीं करता। राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया के बाद विपक्ष ने सरकार पर आम जनता की अनदेखी करने का आरोप तेज कर दिया है।

वहीं, सरकार की ओर से बजट को विकासोन्मुखी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया जा रहा है। लेकिन राहुल गांधी और विपक्ष के तीखे सवालों के बाद यह स्पष्ट है कि बजट को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है।

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