गणतंत्र दिवस जैसे गौरवपूर्ण और उल्लास से भरे मौके पर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उमरगा में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के दौरान राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) मोहन भीमा जाधव को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना का वीडियो सामने आने के बाद हर कोई स्तब्ध है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के उमरगा शहर में 77वें गणतंत्र दिवस का समारोह उस वक्त मातम में बदल गया, जब मंच पर तैनात एक पुलिसकर्मी की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बल्कि इस दृश्य को देखने वाले हर व्यक्ति के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी उमरगा में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की ओर से भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद थे। सभी अधिकारी राष्ट्रध्वज को सलामी देने के लिए एक पंक्ति में खड़े थे। वातावरण देशभक्ति के नारों और गर्व से भरा हुआ था।
इसी दौरान राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) मोहन भीमा जाधव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें पहले चक्कर आया और कुछ ही पलों में वे मंच पर ही जमीन पर गिर पड़े। गिरते समय उनके सिर में गंभीर चोट भी आई। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही सेकंड में कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी और अधिकारी तुरंत मोहन जाधव की ओर दौड़े और उन्हें उठाने की कोशिश की।
हालात की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत उमरगा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह समारोह के दौरान अचानक PSI मोहन जाधव गिरते हैं और उसके बाद वहां मौजूद अधिकारी घबरा जाते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को देखकर भावुक हो रहे हैं और दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
PSI मोहन जाधव के निधन की खबर फैलते ही विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मी गहरे सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि मोहन जाधव एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी थे। गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर ड्यूटी निभाते हुए उनका इस तरह अचानक चले जाना सभी को अंदर तक झकझोर गया है। स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की औपचारिक जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करती है कि अत्यधिक तनाव, लंबी ड्यूटी और स्वास्थ्य जांच की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में कार्यरत कर्मियों पर काम का दबाव बेहद अधिक होता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मानसिक तनाव प्रबंधन की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर, जब पूरा देश संविधान और लोकतंत्र का उत्सव मना रहा था, उसी समय एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह दुनिया से चले जाना हर किसी की आंखें नम कर गया। उमरगा ही नहीं, बल्कि पूरे धाराशिव जिले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद है और प्रशासन को ऐसे कर्मचारियों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जो हर त्योहार और हर मौसम में जनता की सेवा में लगे रहते हैं।
फिलहाल PSI मोहन जाधव के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। वहीं, विभागीय स्तर पर उनके परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही गई है। गणतंत्र दिवस का यह समारोह, जो गर्व और सम्मान का प्रतीक था, अब एक ऐसी याद बन गया है जिसे कोई भी जल्दी भूल नहीं पाएगा।