नवरात्र पर छात्राओं ने खुद संभाली आयोजन की जिम्मेदारी, पारंपरिक नृत्य से सजी शाम
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सावित्री राजकीय महिला छात्रावास में सोमवार को नवरात्र के उपलक्ष्य में गरबा उत्सव आयोजित किया गया। छात्राओं ने मां दुर्गा की आरती और भक्ति गीतों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पारंपरिक परिधानों में गरबा नृत्य प्रस्तुत कर उत्सव में चार चांद लगाए।
आरती और भक्ति गीतों से हुआ शुभारंभ
छात्रावास की सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना की। देवी भेंटों और भक्ति गीतों के बीच छात्राओं ने गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। छात्रावास परिसर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
छात्राओं ने खुद संभाली आयोजन की कमान
कार्यक्रम की खास बात रही कि छात्राओं ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने से लेकर सजावट, पूजा-अर्चना और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्वयं संभाली। सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने सामूहिक सहयोग और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
कुलपति ने बताया सर्वांगीण विकास का माध्यम
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने छात्राओं को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नारी शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, वित्त अधिकारी महिमा चंद और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव ने भी छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।
सांस्कृतिक गतिविधियों से निखरती है प्रतिभा
छात्रावास की वार्डन डॉ. ज्योति पांडेय ने कहा कि छात्रावास शिक्षा के साथ अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास का भी केंद्र है। ऐसे आयोजन छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और आपसी सहयोग की भावना मजबूत करने का अवसर देते हैं। उन्होंने आयोजन में छात्राओं की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
छात्राओं ने उत्साह से लिया हिस्सा
कार्यक्रम में छात्रावास स्टाफ की मीना पांडे, नीलाक्षी और राखी सहित भूमि, नैंसी, सत्यसाक्षी, नेहा, मनीषा, खुशी, माही, वैष्णवी, अदिति, तनु, गुंजन, तनिषा, फाल्गुनी, चंद्रप्रभा, मणि, कोमल, श्वेता, अमृता, अंकिता, गरिमा और प्रियंका समेत अन्य छात्राओं ने सहभागिता की। समापन मां दुर्गा से सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।