बरेली। जलकल विभाग में लंबे समय से तैनात सहायक अभियंता (एई) अजित सिंह को आखिरकार नगर निगम से कार्यमुक्त कर दिया गया। झांसी स्थानांतरण का आदेश जारी होने के करीब एक साल बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया था। शासन की ओर से लगातार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद आदेश का पालन न होने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मंगलवार को नगर निगम ने आनन-फानन में उन्हें कार्यमुक्त कर दिया।
17 अक्टूबर 2025 को हुआ था झांसी तबादला
अजित सिंह करीब नौ साल से जलकल विभाग में जेई के पद पर तैनात रहे। पदोन्नति मिलने के बाद उन्हें सहायक अभियंता बनाया गया। शासन ने 17 अक्टूबर 2025 को उनका झांसी स्थानांतरण कर दिया था। इसके बावजूद बरेली नगर निगम से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया।
तबादला रोकने का प्रस्ताव भी हुआ था पास
बताया जा रहा है कि बाद में नगर निगम बोर्ड में अजित सिंह का तबादला रोकने संबंधी प्रस्ताव भी पारित कराया गया। दूसरी ओर शासन तबादला आदेश का अनुपालन कराने के लिए लगातार रिमाइंडर भेजता रहा। इसके बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया।
शासन ने वेतन रोकने का दिया आदेश
मामला लंबे समय तक लंबित रहने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया और अजित सिंह का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए। शासन का आदेश मिलने के बाद मंगलवार को नगर निगम ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया।
मुरादाबाद से आए देशांतर प्रताप ने संभाला पद
शासन ने मुरादाबाद नगर निगम में तैनात देशांतर प्रताप का तबादला बरेली नगर निगम के जलकल विभाग में सहायक अभियंता के पद पर किया है। अजित सिंह के कार्यमुक्त होने के बाद अब देशांतर प्रताप को जिम्मेदारी सौंपी गई है।