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बरेली। फीनिक्स मॉल स्थित पीवीआर सिनेमा में तीन साल की बच्ची के लिए ले जाए जा रहे बिस्कुट और कुरकुरे अंदर ले जाने से रोकने के मामले में जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने कार्रवाई की है। सुनवाई के बाद सिनेमा प्रबंधन पर उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1955 के तहत 2,000 का जुर्माना लगाया गया है। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर जुर्माने की रकम राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ फिल्म देखने गए थे

महेन्द्र नगर, डोहरा रोड निवासी गौरव तुली ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, लखनऊ में मामले की शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक 30 जून 2026 को वह पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ फिल्म देखने गए थे। बच्ची के लिए बिस्कुट और कुरकुरे के पैकेट पत्नी के बैग में रखे हुए थे। आरोप है कि सिनेमा हॉल में प्रवेश के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने बाहर से लाई गई खाद्य सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी और उसे अपने पास रख लिया। शिकायतकर्ता का कहना था कि बच्ची के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कर्मचारियों ने सहानुभूतिपूर्ण रवैया नहीं अपनाया।

नोटिस का जवाब दिया, लेकिन नहीं दे सके अपेक्षित साक्ष्य

शिकायत सामने आने के बाद सिनेमा प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया। प्रबंधन से घटना पर स्पष्टीकरण के साथ विभिन्न बिंदुओं पर साक्ष्य भी मांगे गए थे। सिनेमा प्रबंधन ने 18 सितंबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन प्रशासन के मुताबिक घटना से संबंधित अपेक्षित साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सका।

लाइसेंस की शर्त संख्या-20 के उल्लंघन पर कार्रवाई

जिला मजिस्ट्रेट ने सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद सिनेमा प्रबंधन को लाइसेंस की शर्त संख्या-20 के उल्लंघन का दोषी पाया। आदेश में इसे उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1955 की धारा-8 के तहत दंडनीय बताया गया है। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने सिनेमा लाइसेंसी/प्रबंधक पर 2,000 का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की रकम एक सप्ताह के भीतर राजकोष में जमा कराने का आदेश दिया गया है।

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