मेज पर बिखरी फाइलें, सूखते दिखे दस्तावेज

कार्यालय में कागजों का ‘सैलाब’! उद्यमियों की महत्वपूर्ण फाइलें भीगीं, मेज पर फैलाकर सुखाए जा रहे दस्तावेज

बरेली। शहर में हुई मूसलाधार बारिश के बीच जिला उद्योग केंद्र, बरेली के कार्यालय से सामने आई तस्वीरों ने सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में बड़ी संख्या में सरकारी दस्तावेज, कागजी रिकॉर्ड और फाइलें मेज पर बिखरी नजर आ रही हैं। कई कागजों पर नमी और पानी के असर के निशान दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान कार्यालय में पानी पहुंचने से MSME प्रोजेक्ट लोन से संबंधित आवेदन और दस्तावेजों की फाइलें भीग गईं।

MSME लोन के सपनों पर पानी! उद्यमियों के आवेदन भी हुए प्रभावित

जिला उद्योग केंद्र में MSME यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से जुड़े लोगों के प्रोजेक्ट, ऋण आवेदन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाते हैं। ऐसे में यदि इन दस्तावेजों के पानी में भीगने की स्थिति की पुष्टि होती है तो यह महज कागजों के खराब होने का मामला नहीं, बल्कि उद्यमियों के आवेदन, ऋण प्रक्रिया और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन जाता है।

मेज पर बिखरी फाइलें, सूखते दिखे दस्तावेज—व्यवस्था पर सवाल

सामने आई तस्वीर में फाइलों और कागजात का बड़ा ढेर मेज पर फैला हुआ दिखाई दे रहा है। कई दस्तावेज खुले पड़े हैं और उन्हें हवा लगाकर सुखाने की कोशिश होती नजर आ रही है। कुछ फाइलों के कागज मुड़े हुए तथा नमी से प्रभावित दिखाई देते हैं। सवाल यह है कि सरकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रखने की ऐसी व्यवस्था क्यों है कि बारिश का पानी दस्तावेजों तक पहुंच जाए?

बारिश बनी आफत या रिकॉर्ड सुरक्षा व्यवस्था हुई फेल?

बारिश को प्राकृतिक आपदा माना जा सकता है, लेकिन सरकारी कार्यालयों में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए रिकॉर्ड रूम, अलमारी, रैक और अन्य व्यवस्थाएं होना जरूरी है। यदि बारिश के पानी से MSME लोन की फाइलें प्रभावित हुई हैं तो यह जांच का विषय है कि पानी कार्यालय के अंदर तक कैसे पहुंचा और दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं रखा गया था।

एक फाइल में छिपा हो सकता है उद्यमी का पूरा भविष्य

MSME लोन के लिए जमा कराए जाने वाले दस्तावेज किसी सामान्य कागज की तरह नहीं होते। इनमें आवेदक की परियोजना, आवेदन, प्रमाण-पत्र और ऋण प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हो सकते हैं। ऐसे में किसी फाइल के खराब होने या दस्तावेज अस्पष्ट होने से संबंधित आवेदक को आगे चलकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब उठ रहे बड़े सवाल—कौन लेगा जिम्मेदारी?

इस तस्वीर के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला उद्योग केंद्र में दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था है? यदि बारिश के कारण फाइलें वास्तव में भीगी हैं तो कितनी फाइलें प्रभावित हुईं? क्या सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं? क्या किसी आवेदक के मूल दस्तावेज या महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा है? और यदि नुकसान हुआ है तो उसकी भरपाई और रिकॉर्ड की पुनर्बहाली कैसे होगी?

जिम्मेदार अधिकारियों से मांगा जाना चाहिए स्पष्ट जवाब

मामले में जिला उद्योग केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों से यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि बारिश के दौरान कार्यालय में पानी आने की वास्तविक स्थिति क्या थी, कितनी फाइलें प्रभावित हुईं और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए। साथ ही प्रभावित दस्तावेजों की सूची तैयार कर उनकी स्कैनिंग/डिजिटल रिकॉर्डिंग और सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था भी जरूरी है।

फोटो में दिखी तस्वीर ने बढ़ाई चिंता

तस्वीर में जिस तरह महत्वपूर्ण दस्तावेज मेज पर फैले हुए और कई कागजात नमी से प्रभावित दिखाई दे रहे हैं, उससे सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि जिला उद्योग केंद्र प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण देता है और MSME आवेदकों की फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

विकास यादव, जिला उद्योग केंद्र, बरेली ने बताया

कार्यालय में भारी बारिश के कारण पानी भर गया था। जो फाइलें भीगी थीं, वे कोई बहुत महत्वपूर्ण या अति-उपयोगी फाइलें नहीं थीं, बल्कि आपस के पत्राचार की पुरानी फाइलें थीं।
अब अधिकांश कार्य और डेटा ऑनलाइन सिस्टम में सुरक्षित रूप से फीड हो चुके हैं। ऑफलाइन फाइलों का चलन वैसे भी धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। इसलिए डेटा पूरी तरह सुरक्षित है और किसी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड का कोई नुकसान नहीं हुआ है।”

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