google.com, pub-7697724059714638, DIRECT, f08c47fec0942fa0
bareilly मशहूर शायर प्रो. वसीम बरेलवी

बरेली। अपनी शायरी से देश-दुनिया में बरेली का नाम रोशन करने वाले मशहूर शायर प्रो. वसीम बरेलवी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। ग्वालियर की आईटीएम यूनिवर्सिटी 21 नवंबर को उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद उपाधि से सम्मानित करेगी। इस उपलब्धि से बरेली के साहित्य प्रेमियों में खुशी का माहौल है। वसीम बरेलवी ने इस सम्मान को बरेलीवासियों के प्यार और सहयोग का परिणाम बताया है।

वसीम बरेलवी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह फरवरी 1972 को महज 32 वर्ष की उम्र में उनके सम्मान में भव्य ‘जश्न-ए-वसीम बरेलवी’ का आयोजन किया गया था। उस दौर में इस कार्यक्रम पर करीब 1.40 लाख रुपये खर्च हुए थे। खास बात यह रही कि मशहूर पार्श्व गायक महेंद्र कपूर भी मुंबई से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने वसीम बरेलवी की गजलों को अपनी आवाज देकर महफिल में चार चांद लगा दिए थे। इस ऐतिहासिक सम्मान को वसीम बरेलवी ने अपने पिता शाहिद हसन और मां रफिया बेगम को समर्पित किया था।

शायरी के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी दिया योगदान

वसीम बरेलवी की शायरी में मोहब्बत, रिश्तों की अहमियत और इंसानी जज्बातों की गहरी झलक मिलती है। आसान अल्फाज और दिल को छू लेने वाले अंदाज ने उन्हें मुशायरों से लेकर आम लोगों के बीच खास पहचान दिलाई है। उनकी गजलें और शेर आज भी साहित्य प्रेमियों की जुबान पर रहते हैं। बरेली कॉलेज में प्रोफेसर रहे वसीम बरेलवी ने शिक्षा और उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह वर्ष 2011 से 2014 तक नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के उपाध्यक्ष रहे। उनके मार्गदर्शन में अब तक 10 शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।

यश भारती समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले

साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वसीम बरेलवी को वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिष्ठित यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2016 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया। इससे पहले वर्ष 2009 में अमेरिका के ह्यूस्टन में उन्हें ‘अली सरदार जाफरी अदबी एजाज’ से नवाजा गया था। देश-विदेश के मुशायरों में अपनी शायरी का जादू बिखेर चुके वसीम बरेलवी को अब आईटीएम यूनिवर्सिटी की ओर से मानद उपाधि प्रदान की जाएगी।

बोले वसीम बरेलवी- यह सम्मान पूरे बरेली का है

मानद उपाधि के लिए चयनित होने पर प्रो. वसीम बरेलवी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बरेली के एक कलमकार को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की ओर से सम्मानित किया जाना गर्व की बात है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे बरेली का है। बरेलीवासियों ने हमेशा उन्हें प्यार और सहयोग दिया है। इसी की बदौलत वह साहित्य की दुनिया में अपना सफर आगे बढ़ा सके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *