शाहजहांपुर। खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव में प्राचीन मंदिर गुरुवार सुबह दोहरे हत्याकांड से दहल उठा। मंदिर की देखरेख और धार्मिक कार्यों में लगे गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के शव परिसर में अलग-अलग स्थानों पर जली हालत में मिले। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि दोनों की हत्या के बाद शवों को आग के हवाले किया गया। वारदात के पीछे देवस्थान की जमीन को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है।
पूजा के लिए पहुंचे लोग, सामने आया खौफनाक मंजर
गांव के लोग सुबह मंदिर पहुंचे तो परिसर में एक सेवादार का जला शव दिखाई दिया। कुछ दूरी पर दूसरा शव भी पड़ा मिला। दोनों शवों के बीच करीब 10 मीटर का फासला था। शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि घटनास्थल देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही खुदागंज पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर को जांच के दायरे में ले लिया।
मंदिर परिसर में ही रहते थे दोनों सेवादार
गोपाल दास और बाबा बिहारी दास लंबे समय से मंदिर से जुड़े थे और परिसर में ही रहते थे। ग्रामीणों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों को आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था। इसके साथ ही घटना से पहले मंदिर परिसर में किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने खंगाला घटनास्थल
दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिलने पर एसपी सौरभ दीक्षित भी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मंदिर परिसर से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और वारदात से जुड़े अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
जमीन पर कब्जे की नीयत से वारदात का शक
पुलिस की जांच में देवस्थान की जमीन का विवाद अहम बिंदु बनकर सामने आया है। एसपी के मुताबिक, शुरुआती तौर पर आशंका है कि जमीन पर कब्जे की नीयत से वारदात को अंजाम दिया गया हो। हालांकि पुलिस किसी एक वजह पर जांच सीमित न रखकर दूसरे पहलुओं को भी खंगाल रही है।
जेल से छूटे ग्रामीण पर पुलिस की नजर
जांच के दौरान गांव निवासी सुमित सिंह का नाम सामने आया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक वह कुछ समय पहले जेल से छूटा था। आरोप है कि वह दोनों सेवादारों पर मंदिर परिसर छोड़ने का दबाव बना रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उससे जुड़े तथ्यों और आरोपों की भी तस्दीक की जा रही है। दो सेवादारों की हत्या और शव जलाने की घटना के बाद सूथा गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस का फोकस अब वारदात की वजह स्पष्ट करने के साथ ही संदिग्ध की तलाश और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने पर है।