बरेली। सिविल लाइंस में रहने वाले बुजुर्ग के बैंक खाते से करीब 12 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पड़ोसी कॉलोनी में गार्ड की नौकरी करने वाले युवक ने उनके मोबाइल से सिम निकालकर बैंक खाते पर यूपीआई सेवा सक्रिय कर ली। इसके बाद फोन पे के जरिए रुपये ट्रांसफर करता रहा। वर्ष 2025 में हुई इस ठगी का पता बुजुर्ग को जुलाई 2026 में चला। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी सचिन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइंस के सालवेशन आर्मी रोड निवासी डॉ. आदर्श संघी ने 27 जुलाई 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में उनके बैंक खाते से करीब 12 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए थे। इसकी जानकारी उन्हें जुलाई 2026 में हुई। पुलिस के मुताबिक, डॉ. संघी के मोबाइल नंबर पर पहले यूपीआई सुविधा संचालित नहीं थी। वह न तो यूपीआई का इस्तेमाल करते थे और न ही उन्हें इंटरनेट बैंकिंग के संचालन की जानकारी थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज
साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। जांच आगे बढ़ी तो सुभाषनगर थाना क्षेत्र के गणेश नगर, टीचर्स कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय सचिन शर्मा का नाम सामने आया। उसका हाल पता होली चौक, करगैना बताया गया है। पुलिस का दावा है कि सचिन पीड़ित के सामने स्थित कॉलोनी में गार्ड की नौकरी करता था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर डॉ. संघी के मोबाइल फोन से सिम निकाल लिया और उस नंबर से जुड़े बैंक खाते पर यूपीआई सेवा सक्रिय कर दी। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से बैंक खाते से धोखाधड़ी कर रकम निकाल ली गई।
मोबाइल और दो सिम बरामद, कोर्ट में पेश करेगी पुलिस
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार, 23 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे आरोपी सचिन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपी को रिमांड के लिए न्यायालय में पेश कर रही है। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा अपराध संख्या 46/2026, धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, निरीक्षक सिद्धार्थ तोमर, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, उपनिरीक्षक सौरव तोमर और हेड कांस्टेबल विलीश कुमार शामिल रहे।