बरेली। 11वें आयुर्वेद दिवस पर बुधवार को गांधी उद्यान में आयुष विभाग की ओर से योगाभ्यास शिविर और जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और जिलाधिकारी अविनाश सिंह समेत 500 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। सांसद और डीएम ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
योग प्रशिक्षक डॉ. गरिमा सिंह ने छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। शिविर में रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ आयुष विभाग के चिकित्सक, कर्मचारी और शहर के लोग शामिल हुए।
आयुर्वेद को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने कहा कि आयुर्वेद को दैनिक जीवन में अपनाने से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रखने के साथ मानसिक तनाव कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ को शरीर के प्रमुख दोष माना गया है। इनके संतुलन के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और योग जरूरी है। उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास करने और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
गांधी उद्यान से निकली जागरूकता रैली
योगाभ्यास के बाद गांधी उद्यान से आयुर्वेद जागरूकता रैली निकाली गई। सांसद और डीएम ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। रैली चौकी चौराहा होते हुए वापस गांधी उद्यान पहुंची। इसमें शामिल विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों ने आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश दिए। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने लोगों को दैनिक जीवन में आयुर्वेद अपनाने के तरीके बताए। जिले के सभी 53 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी आयुर्वेद दिवस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन, संगोष्ठी, चिकित्सा शिविर और औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू सिंह, क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. कुर्तुल ऐन जैहरा जैदी समेत आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक और योग प्रशिक्षक मौजूद रहे।