bareillyबैठक में मौजूद अधिकारी।

बरेली। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। मंगलवार को निर्वाचन प्रेक्षक नवीन कुमार जी.एस. (आईएएस) की अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन बैठक में नौ जिलों की तैयारियां परखी गईं। हर मतदान केंद्र पर सुरक्षा और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने को कहा गया।

आयुक्त सभागार से सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में मतदान केंद्रों की सुरक्षा पर विशेष चर्चा हुई। प्रेक्षक नवीन कुमार जी.एस. ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक बूथ की जरूरत के हिसाब से पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था समय से कर ली जाए। मतदान के दिन की तैयारियों को अंतिम समय तक न छोड़ने और आयोग के निर्देशों के मुताबिक व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर दिया गया।

हर मतदान केंद्र पर होगी वीडियोग्राफी

मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक बूथ पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार इसकी व्यवस्था करने को कहा गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि चुनाव से जुड़ी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी हों। सुरक्षा और वीडियोग्राफी की व्यवस्थाओं को मतदान से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। मतदान कराने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। प्रेक्षक ने कहा कि ट्रेनिंग समय से पूरी करा ली जाए, जिससे कर्मचारियों को मतदान प्रक्रिया और अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी रहे। इसके साथ ही चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।

नौ जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अफसर जुड़े

बैठक में कमिश्नर शंभू कुमार, बरेली डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य और एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान शामिल रहे। बरेली के अलावा बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और संभल के जिलाधिकारी, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर तथा पुलिस प्रमुख भी ऑनलाइन जुड़े। सभी जिलों के अधिकारियों को चुनाव की तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया। अपर आयुक्त प्रशासन एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर प्रीति जायसवाल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मतदान और मतगणना का कार्यक्रम निर्धारित है। प्रेक्षक ने अधिकारियों को दोनों चरणों की तैयारियां निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी करने को कहा। बैठक में सुरक्षा, प्रशिक्षण और निगरानी की व्यवस्थाओं पर मुख्य रूप से जोर रहा।

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