बरेली। किसी होटल का कम्पाउंडिंग नक्शा लंबित है तो किसी के सामने फायर और प्रदूषण एनओसी से जुड़ी समस्या है। होटल कारोबार से जुड़े ऐसे ही मुद्दे गुरुवार को बीडीए विकास संवाद में उठाए गए। बीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव समेत कुल 10 प्रतिनिधि शामिल हुए।
लंबित नक्शों और एनओसी पर हुई चर्चा
बैठक में होटल प्रतिनिधियों ने अपने-अपने मामलों में आ रही अड़चनें सामने रखीं। लंबित कम्पाउंडिंग मानचित्रों, फायर एनओसी और प्रदूषण एनओसी से जुड़े प्रकरणों पर विस्तार से बातचीत हुई। चर्चा का जोर इस बात पर रहा कि होटल कारोबारियों और बीडीए के बीच तालमेल बेहतर हो, जिससे लंबित मामलों को समय पर निपटाया जा सके। होटल प्रतिनिधियों से बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने जरूरी अनुमतियों और एनओसी की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। उन्होंने अपेक्षा जताई कि आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज दिए जाएं, ताकि प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। होटल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
फायर एनओसी के नवीनीकरण का मुद्दा भी उठा
संवाद में फायर एनओसी की वैधता और उसके नवीनीकरण पर भी चर्चा हुई। होटलों में सीवेज और गंदे पानी के शोधन के लिए लगे एसटीपी तथा डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी के संचालन से जुड़े विषय भी उठे। इसके साथ ही होटल निर्माण में लागू नियमों और आवश्यक मंजूरियों पर बातचीत हुई। बैठक में पर्यटन नीति और होम स्टे से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी प्रतिनिधियों ने विचार रखे। इन प्रावधानों से जुड़े व्यावहारिक सवालों पर चर्चा की गई। होटल कारोबार से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई को जरूरी बताया गया।