बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत विद्यार्थियों को नवाचार और स्टार्टअप से जोड़ने की पहल की गई है। विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र की ओर से सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज को लेकर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को यूपी स्टेट इनोवेशन चैलेंज-2026 में भाग लेने की प्रक्रिया के साथ अपने आइडिया को प्रोजेक्ट और स्टार्टअप में बदलने के तरीके बताए गए।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। बताया गया कि विद्यार्थी अपनी रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर टीम बनाकर चैलेंज में हिस्सा ले सकते हैं। वे टीम लीडर के साथ टीम मेंबर के रूप में भी शामिल हो सकते हैं। पंजीकरण से लेकर आइडिया और कॉन्सेप्ट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
कुलपति बोले- कक्षा और लैब तक सीमित न रहें नए विचार
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इनोवेशन चैलेंज में हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान की क्षमता राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति है। विश्वविद्यालय का दायित्व विद्यार्थियों के नए विचारों को मंच देने के साथ उन्हें संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने विचारों को केवल कक्षा और प्रयोगशाला तक सीमित न रखें। उन्हें व्यावहारिक समाधान, प्रोजेक्ट, स्टार्टअप और सामाजिक नवाचार के रूप में विकसित करें और उपलब्ध मंचों का उपयोग कर विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
शोधार्थी और युवा इनोवेटर भी ले सकेंगे हिस्सा
विशेषज्ञों ने बताया कि चैलेंज केवल पारंपरिक स्टार्टअप आइडिया तक सीमित नहीं है। इसमें शोधार्थी, युवा इनोवेटर, स्टार्टअप फाउंडर, प्रोफेशनल, टेक्नोलॉजी डेवलपर और सोशल इनोवेटर भी भाग ले सकते हैं। शिक्षा और कौशल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान से जुड़े नए आइडिया प्रस्तुत किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने आसपास की वास्तविक समस्याओं की पहचान करने, उनके कारण समझने और तकनीक, शोध व रचनात्मक सोच की मदद से व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
आइडिया से प्रपोजल तक मेंटरिंग करेगा RIF
सेवा संकल्प अभियान की समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के आइडिया को पहचान दिलाने के साथ नेटवर्किंग और राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर एक्सपोजर का अवसर भी देती हैं। रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन RIF चैलेंज में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को तैयारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आइडिया की पहचान, समस्या के विश्लेषण, प्रोजेक्ट निर्माण, प्रपोजल तैयार करने, रजिस्ट्रेशन, आइडिया एक्सप्लोरेशन और प्रपोजल सबमिशन तक में मेंटरिंग दी जाएगी। विद्यार्थियों के आइडिया को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए उनके रिफाइनमेंट और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट पर भी काम किया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र और रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन की टीम संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को चैलेंज के लिए तैयार कर रही है। कार्यक्रम के आयोजन में कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, डॉ. ज्योति पाण्डेय, डॉ. इंदरप्रीत कौर, रॉबिन और शुभी समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा।