बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और 25 हजार रुपये के इनामी गो तस्करी के आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने टीम पर चार राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। आरोपी की गोली से एक दरोगा भी घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर रात अलापुर थाना पुलिस को इनामी आरोपी की ककराला-कादरचौक रोड पर मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने ईंट भट्ठे से करीब 200 मीटर पहले घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
दोनों पैरों में गोली लगने के बाद दबोचा
सीओ आशेष नाथ सिंह के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायर किए। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो उसके दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर निवासी जुम्मन पुत्र गट्टे के रूप में हुई। मुठभेड़ के दौरान जुम्मन की ओर से की गई फायरिंग में उपनिरीक्षक कमर अहमद खां के दाहिने हाथ में भी गोली लगी। घायल दरोगा और आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है।
सात सितंबर की गोकशी में था वांछित
पुलिस के मुताबिक, जुम्मन सात सितंबर को अलापुर थाना क्षेत्र में हुई गोकशी की घटना में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मौके से 315 बोर का तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, चार खोखे, एक छुरी और रस्सी बरामद करने का दावा किया गया है।
गैंगस्टर समेत आठ मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जुम्मन के खिलाफ कादरचौक और अलापुर थानों में कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोकशी और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल हैं। उसके खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2009 में कादरचौक थाने में मारपीट और जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में दर्ज हुआ था। इसके बाद भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए।
इसी मामले में तन्हीर भी जा चुका है जेल
सात सितंबर की गोकशी की घटना में पुलिस इससे पहले गौरामई निवासी तन्हीर को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उस मुठभेड़ में सिपाही शिववीर घायल हुए थे। अब इसी मामले में वांछित चल रहे जुम्मन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।