बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभाग की ओर से छात्र विकास कार्यक्रम के तहत ‘एआई एवं मैनेजमेंट का भविष्य’ विषय पर कैंपस-कॉरपोरेट इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और प्रबंधन के बदलते स्वरूप की जानकारी दी गई।
एआई को समझना ही भविष्य की तैयारी
कार्यक्रम में द कायी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक प्रियांश गोयल ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते उपयोग, भविष्य के प्रबंधन और कॉरपोरेट क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी माहौल के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित करने की जरूरत बताई।
कॉरपोरेट जगत की बदलती जरूरतों पर जोर
प्रियांश गोयल ने कहा कि एआई के विस्तार के साथ कार्य संस्कृति और प्रबंधन के तौर-तरीकों में भी बदलाव आ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी समझ के साथ-साथ प्रबंधन कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और बदलती उद्योग आवश्यकताओं की जानकारी जरूरी है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई आधारित कार्य संस्कृति और भविष्य के रोजगार अवसरों से जोड़ना रहा।
उद्योग और कैंपस के बीच संवाद की पहल
कार्यक्रम के संरक्षक व्यवसाय प्रशासन विभाग के हेड एवं डीन प्रो. त्रिलोचन शर्मा रहे। कैंपस-कॉरपोरेट इंटरेक्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ उद्योग जगत की वास्तविक अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजुला सिंह ने किया। विश्वविद्यालय के मीडिया सेल के अनुसार कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एआई और मैनेजमेंट से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ से संवाद भी किया।