बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने समेत संबंधित मांगों को लेकर बीवीएससी एवं एएच के विद्यार्थियों का शांतिपूर्ण धरना शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारियों की ओर से मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। संस्थान के अधिकारियों से बातचीत के बावजूद लिखित पुष्टि नहीं मिलने से धरना समाप्त करने पर सहमति नहीं बन सकी है।
बैठक में हुई चर्चा, लिखित पुष्टि का इंतजार
विद्यार्थियों के मुताबिक, आठ अक्तूबर को संस्थान के अधिकारियों ने सुबह बैठक बुलाकर उनकी मांगों का समाधान निकालने की बात कही थी। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल मलिक ने छात्रों से धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि, विद्यार्थियों का कहना है कि बैठक में उनकी मांगों के संबंध में कोई लिखित पुष्टि नहीं मिली। इसके चलते उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
धरना स्थल पर पहुंचकर सुनीं छात्रों की समस्याएं
आईवीआरआई के सहायक स्नातक समन्वयक डॉ. सागर चंद भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर पक्ष रखा। विद्यार्थियों का कहना है कि वे सक्षम अधिकारियों से लिखित आश्वासन चाहते हैं। उनकी मांगों पर लिखित जवाब मिलने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय बरकरार है।
बदलते मौसम में कुछ विद्यार्थी बीमार
लगातार धरने पर बैठे विद्यार्थियों के सामने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी आ रही है। छात्रों के मुताबिक, बदलते मौसम के कारण कुछ विद्यार्थी बीमार पड़ गए हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे इसी तरीके से अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते रहेंगे।
प्रेरणादायक गीतों से दिया एकजुटता का संदेश
धरना स्थल पर विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से प्रेरणादायक गीत भी गाए। ‘हम होंगे कामयाब’ जैसे गीतों के माध्यम से छात्रों ने एकजुटता दिखाई और मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया। पांचवें दिन भी धरना स्थल पर विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को दोहराया।
जल्द निर्णय की उम्मीद, आश्वासन पर टिकी निगाहें
विद्यार्थियों ने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी जल्द उनकी मांगों पर आवश्यक निर्णय लेंगे। उन्होंने दोहराया कि सक्षम अधिकारियों से लिखित आश्वासन मिलने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल छात्र अपनी मांगों के संबंध में लिखित जवाब का इंतजार कर रहे हैं।