बरेली। बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में सड़क हादसों और इनमें जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ने पर कमिश्नर शंभू कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई। मंगलवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने विभागों को मिलकर दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधार कराने और हादसों में कमी लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित वर्ष 2026 की तीसरी बैठक में चारों जिलों की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हुई। इसमें सामने आया कि बरेली में राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना में जिला और ग्रामीण मार्गों पर अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। कमिश्नर शंभू कुमार ने लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को ऐसे स्थान चिह्नित कर ए, बी और सी श्रेणी में बांटने के निर्देश दिए। प्राथमिकता के आधार पर सड़क की बनावट और दृश्यता में सुधार, संकेतक बोर्ड तथा रम्बल स्ट्रिप लगाने को कहा।
पीलीभीत में फोरलेन का प्रस्ताव, बदायूं में ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण
पीलीभीत में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 731के पर अधिक हादसे होने का मामला सामने आया। कमिश्नर शंभू कुमार ने इस मार्ग को चार लेन में बदलने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। तब तक दुर्घटनाएं रोकने के लिए जरूरी अंतरिम सुरक्षा उपाय करने को कहा। बदायूं में एनएचएआई, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधार कराने की जिम्मेदारी दी गई। ब्लैक स्पॉट पर लंबित कार्यों का संयुक्त निरीक्षण कर उन्हें जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए गए।
शाहजहांपुर में सड़कों पर छुट्टा पशु बन रहे हादसों की वजह
शाहजहांपुर में छुट्टा पशुओं की समस्या सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में सामने आई। इस पर कमिश्नर शंभू कुमार ने एनएचएआई, यातायात पुलिस, परिवहन और पशुपालन विभाग को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा। सड़कों और राजमार्गों पर पशुओं की मौजूदगी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए। मंडल के सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थानों पर चल रहे सुधार कार्यों की भी समीक्षा हुई। कार्यदायी संस्थाओं से पूरे हो चुके और प्रस्तावित कार्यों की अद्यतन व तथ्यात्मक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया।
स्कूल वाहनों की जांच जारी रहेगी, गन्ना वाहनों पर लगेगा परावर्तक कपड़ा
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल वाहनों की जांच और कार्रवाई का अभियान लगातार चलाने के निर्देश दिए गए। वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, सीसीटीवी, जीपीएस और स्पीड गवर्नर सहित निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया। आगामी गन्ना पेराई सत्र को देखते हुए गन्ना विभाग को विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई। गन्ना ढोने वाले वाहनों के पीछे पूरी चौड़ाई में लाल परावर्तक कपड़ा बंधवाने के निर्देश दिए गए, ताकि रात में वाहन दूर से नजर आएं और हादसों का खतरा घटे।
गांवों तक पहुंचेगा सड़क सुरक्षा अभियान
ग्राम सड़क सुरक्षा समितियों में पंचायत सचिव को सह-सचिव नामित करने के निर्देश दिए गए। सहायक विकास अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। इनके माध्यम से गांवों में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाया जाएगा। सोलैशियम योजना के लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कर पात्र पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता दिलाने के लिए एआरटीओ प्रवर्तन को संबंधित विभागों से समन्वय करने को कहा गया।
जागरूकता में मीडिया का सहयोग लेने पर जोर
कमिश्नर शंभू कुमार ने हेलमेट, सीट बेल्ट, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने के खतरों और स्कूल परिवहन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का सहयोग लेने पर जोर दिया। उन्होंने सड़क हादसों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करने तथा गांवों और शिक्षण संस्थानों के सफल सड़क सुरक्षा प्रयासों को लोगों तक पहुंचाने की बात कही। बैठक में सड़क की तकनीकी खामियां दूर करने, नियमों का पालन कराने, जागरूकता बढ़ाने, आपातकालीन उपचार और दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा पर आधारित 5ई मॉडल के तहत काम करने के निर्देश दिए गए।