2022 में 3,355 वोटों से जीते थे सपा विधायक, विकास कार्यों और जनसंपर्क का आकलन बनेगा अहम
बरेली। बहेड़ी विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के विधायक अता उर रहमान के सामने जीत दोहराने की चुनौती होगी। वर्ष 2022 में भाजपा के छत्रपाल सिंह से करीबी मुकाबले में जीत के बाद क्षेत्रीय विकास, जनसंपर्क और विधानसभा में सक्रियता जैसे पहलू उनके राजनीतिक प्रदर्शन के आकलन में अहम रहेंगे। हालांकि, मौजूदा स्थिति के आधार पर चुनावी नतीजे का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
करीबी मुकाबले के आंकड़े
2022 के चुनाव में अता उर रहमान को 1,24,145 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के छत्रपाल सिंह को 1,20,790 मत हासिल हुए। जीत का अंतर 3,355 वोट रहा। ये आंकड़े दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दर्शाते हैं। आगामी चुनाव में मतदाताओं का रुख और उम्मीदवारों का प्रदर्शन निर्णायक हो सकता है।
विकास कार्यों का आकलन जरूरी
सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार क्षेत्र के प्रमुख जनहित के मुद्दे हैं। विधायक के कामकाज का मूल्यांकन करते समय यह देखना जरूरी होगा कि इन क्षेत्रों में क्या प्रगति हुई, कौन-सी योजनाएं पूरी हुईं और किन समस्याओं का समाधान बाकी है। जनता से संपर्क को लेकर उठने वाले सवालों की पुष्टि के लिए स्थानीय लोगों की राय और जमीनी स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।
सदन में उपस्थिति 90.2 प्रतिशत
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, 10 मार्च 2022 से 5 मार्च 2025 के बीच अता उर रहमान की सदन में उपस्थिति 90.2 प्रतिशत रही और उन्होंने 17 सवाल पूछे। इस अवधि में विधायकों का राज्य औसत 222.3 सवाल था। यह अंतर ध्यान देने योग्य है, लेकिन केवल सवालों की संख्या से विधायक के पूरे प्रदर्शन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। <Cite refs={[“turn534932search0”]}/>
किसानों के बकाये का मुद्दा
बहेड़ी की केसर चीनी मिल से जुड़े गन्ना भुगतान का मामला किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। जून 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिल की कुर्क जमीन की नीलामी से 28.05 करोड़ रुपये की बोली मिली थी और प्रशासन ने राशि किसानों के बकाये के भुगतान में इस्तेमाल करने की बात कही थी। सितंबर 2026 में मिल की बिक्री से भी बकाया भुगतान की उम्मीद जताई गई। इन मामलों में वास्तविक भुगतान की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
2027 में प्रदर्शन पर रहेगी नजर
अता उर रहमान को अगला चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा या नहीं, यह पार्टी का निर्णय होगा। फिलहाल उनके कामकाज का निष्पक्ष आकलन विकास योजनाओं की प्रगति, जनसमस्याओं पर पहल और मतदाताओं के अनुभवों के आधार पर किया जाना चाहिए। बहेड़ी में सपा की संभावनाएं केवल पिछली जीत के अंतर से तय नहीं होंगी; आगामी चुनाव में स्थानीय मुद्दे, संगठन और उम्मीदवारों की भूमिका भी अहम रहेगी।