बरेली। रविवार से लगातार हो रही बारिश अब शहर के पुराने और जर्जर मकानों के लिए आफत बन गई है। सोमवार सुबह कुछ ही देर के अंतराल में शहर में दो जर्जर मकान भरभराकर गिर गए। पहला हादसा सौदागरान में दरगाह आला हजरत के पास करीब 50 साल पुराने दो मंजिला मकान में हुआ, जबकि दूसरा शहर कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में करीब 80 साल पुराने मकान के गिरने से हुआ। गनीमत रही कि दोनों मकान पहले से खाली थे। इससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आजमनगर में गली में खड़े तीन स्कूटर मलबे में दब गए।
दरगाह आला हजरत के पास सुबह 5:30 बजे गिरा मकान
सौदागरान में दरगाह आला हजरत के पास करीब 50 गज जमीन में बना दो मंजिला मकान सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। तेज बारिश के बीच मकान गिरने से सड़क पर मलबा फैल गया और दरगाह की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया। मकान के नीचे सुरमे की दुकान थी, जबकि ऊपरी हिस्से में लोग रहते थे। बताया गया कि मकान करीब 50 साल पुराना और काफी समय से जर्जर था। इसकी हालत देखते हुए कुछ समय पहले ही मकान खाली करा दिया गया था। दुकान भी बंद थी। इसी वजह से हादसे के वक्त अंदर कोई मौजूद नहीं था और बड़ा हादसा टल गया।
जिस रास्ते से गुजरते हैं हजारों जायरीन, वहीं फैला मलबा
दरगाह आला हजरत के पास मकान गिरने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह शहर का बेहद व्यस्त इलाका है। दरगाह पर रोजाना देश-दुनिया से जायरीन पहुंचते हैं। आसपास बड़ी संख्या में दुकानें और मकान हैं। ऐसे में सड़क पर मलबा गिरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई। सूचना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया।
आजमनगर में 80 साल पुराना मकान भी ढहा
दूसरा हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में हरी मस्जिद के पास हुआ। यहां सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे शरीफ मियां का करीब 80 साल पुराना दो मंजिला मकान अचानक गिर गया। करीब 50 गज जमीन में बना यह मकान लंबे समय से जर्जर था और खाली पड़ा था। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। मलबा पूरी गली में फैल गया और वहां खड़े तीन स्कूटर भी उसके नीचे दब गए।
पड़ोसी मकान की दीवारों में पड़ीं दरारें
मकान गिरने के बाद आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बराबर वाले मकान की दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश जारी रहने पर यह मकान भी खतरे में आ सकता है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत है।
नगर निगम से सर्वे और जर्जर मकान खाली कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने मकान गिरने की सूचना नगर निगम को दी। लोगों का आरोप है कि सूचना के बाद भी टीम मौके पर नहीं पहुंची और उन्हें खुद ही मजदूरों की मदद से मलबा हटाना पड़ा। लोगों ने बारिश को देखते हुए शहर के पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते खतरे वाले मकानों को खाली करा लिया जाए तो बारिश के दौरान होने वाले बड़े हादसों को रोका जा सकता है।