बरेली। दिल्ली रोड पर प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप अब जमीन पर आकार लेने लगी है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने परियोजना के लिए 126.3043 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है। इसमें से 21 हेक्टेयर जमीन की खरीद पर अब तक करीब 41 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शनिवार को भी चार हेक्टेयर भूमि खरीदी गई और भू-स्वामियों को करीब आठ करोड़ रुपये मुआवजा दिया गया।
मुख्यमंत्री के प्रत्येक जिले में न्यूनतम 50 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने के निर्देश के तहत बीडीए इस परियोजना पर काम कर रहा है। टाउनशिप के विकसित होने से दिल्ली रोड और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
चार गांवों की जमीन से आकार लेगी टाउनशिप
औद्योगिक टाउनशिप के लिए बरेली तहसील के रसूला चौधरी और मीरगंज तहसील के भिटौरा नौंगवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली व रहपुरा जागीर में भूमि चिह्नित की गई है। कुल 126.3043 हेक्टेयर में करीब 28 हेक्टेयर ग्राम समाज और सरकारी भूमि है। इसे पुनर्ग्रहण के जरिये परियोजना में शामिल किया जा रहा है। शेष करीब 98 हेक्टेयर भूमि किसानों और अन्य भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जानी है। बीडीए ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 21 हेक्टेयर जमीन खरीदने पर करीब 41 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। तीन अक्तूबर को हुई खरीद में चार हेक्टेयर जमीन के बदले करीब आठ करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया।
सड़क से लेकर ई-चार्जिंग स्टेशन तक की सुविधा
प्रस्तावित टाउनशिप को आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां चौड़ी सड़कें, भूमिगत बिजली नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ हरित क्षेत्र, ई-चार्जिंग स्टेशन, गैस लाइन, नेटवर्क सुविधा और कॉमन पार्किंग एरिया भी प्रस्तावित हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं भी टाउनशिप का हिस्सा होंगी। बीडीए का लक्ष्य ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिससे उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को जरूरी सुविधाएं एक ही क्षेत्र में मिल सकें।
निवेश के साथ रोजगार पर नजर
औद्योगिक टाउनशिप के जरिये बरेली में नए उद्योगों को आकर्षित करने की तैयारी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। बीडीए अब शेष भूमि की खरीद और सरकारी जमीन को परियोजना में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। जमीन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टाउनशिप के आधारभूत ढांचे को विकसित करने का काम तेज किया जाएगा।