Social Sharing icon

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के इरादे से आईजी रेंज लखनऊ किरण एस गुरुवार को अचानक सीतापुर पहुंचे। उनके दौरे से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। आईजी ने एसपी ऑफिस, पुलिस लाइन और अन्य विभागों का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर बीट पुलिसिंग, साइबर अपराध और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईजी रेंज लखनऊ किरण एस गुरुवार को सीतापुर जिले के दौरे पर पहुंचे। उनके इस दौरे को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अचानक हुए इस निरीक्षण से पुलिस महकमे में सक्रियता देखने को मिली।

सबसे पहले SP ऑफिस का किया निरीक्षण

आईजी किरण एस ने सीतापुर पहुंचते ही सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, फाइलों के निस्तारण, आम जनता से जुड़े मामलों और शिकायतों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस लाइन और सुविधाओं का लिया जायजा

इसके बाद आईजी पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने कंप्यूटर लैब, बैरक, भोजनालय और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर भी ध्यान दिया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसे लेकर आईजी ने अधिकारियों की सराहना भी की।

दधीचि सभागार में हुई अहम बैठक

पुलिस लाइन स्थित दधीचि सभागार में आईजी किरण एस ने जिले के वरिष्ठ और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बीट पुलिसिंग ही कानून-व्यवस्था की रीढ़ है और इसे और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर बीट स्तर पर पुलिस सतर्क और सक्रिय रहेगी तो अपराध अपने-आप नियंत्रित होगा। बीट आरक्षी को अपने क्षेत्र की हर गतिविधि, हर संदिग्ध व्यक्ति और हर समस्या की जानकारी होनी चाहिए।

यक्ष एप से बदलेगी पुलिसिंग की कार्यशैली

बैठक के दौरान आईजी किरण एस ने यक्ष एप को लेकर विस्तार से जानकारी दी और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब तक बीट पुलिसिंग थानों के रजिस्टर पर आधारित थी, लेकिन यक्ष एप के जरिए इसे पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाया जा रहा है। आईजी ने कहा कि यक्ष एप में बीट आरक्षी अपने क्षेत्र से जुड़ी हर जानकारी फीड कर सकेगा। इससे पुलिसिंग सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।

हिस्ट्रीशीटर और टॉप अपराधी रहेंगे ऑनलाइन निगरानी में

आईजी किरण एस ने बताया कि यक्ष एप के माध्यम से जिले के सभी हिस्ट्रीशीटरों का पूरा डेटा ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें उनके आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियां और निगरानी रिपोर्ट शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ थाने स्तर पर नहीं, बल्कि जिला, रेंज, जोन और पूरे प्रदेश स्तर पर अपराधियों की जानकारी साझा होगी। इससे अपराधियों पर नजर रखना और उनके खिलाफ समय रहते कार्रवाई करना आसान होगा।

शस्त्र लाइसेंस और सत्यापन भी होंगे डिजिटल

यक्ष एप के जरिए शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन भी किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया केवल संबंधित थाने तक सीमित रहती थी, लेकिन अब पूरे सिस्टम को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इससे फर्जी लाइसेंस और अवैध हथियारों पर भी लगाम लगेगी।

साइबर फ्रॉड पर IG का बड़ा बयान

मीडिया से बातचीत में आईजी किरण एस ने साइबर अपराधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों का पैसा वापस दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ठगी की रकम को समय रहते फ्रिज कराने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके।

पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर

आईजी ने कहा कि पुलिस को सिर्फ अपराध दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीड़ित को न्याय और राहत दिलाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर क्राइम के मामलों में तकनीकी दक्षता बढ़ाई जाए और पीड़ितों से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए।

तकनीक और जवाबदेही से बनेगा मजबूत सिस्टम

आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिसिंग तकनीक, डेटा और जवाबदेही पर आधारित होगी। यक्ष एप इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ अपराधियों पर नकेल कसेगी, बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा।

कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश

आईजी का यह दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक साफ संदेश था कि कानून-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी। बीट पुलिसिंग से लेकर साइबर क्राइम तक, हर मोर्चे पर पुलिस को चुस्त-दुरुस्त रहना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *