दुनिया ने लियोनेल मेसी को फुटबॉल मैदान पर इतिहास रचते देखा है।
दुनिया ने लियोनेल मेसी को फुटबॉल मैदान पर इतिहास रचते देखा है। गोल, ट्रॉफियां और रिकॉर्ड्स उनके नाम हैं। लेकिन भारत की धरती पर इस बार मेसी किसी स्टेडियम में नहीं, बल्कि जंगल की शांति, जानवरों की आंखों और करुणा की गहराई के बीच दिखाई दिए। तीन दिवसीय भारत दौरे के दौरान मेसी का वनतारा पहुंचना केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह मानवता, संवेदनशीलता और संरक्षण की एक जीवंत कहानी बन गई।’
वनतारा—वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण का एक ऐसा केंद्र, जहां घायल, तस्करी के शिकार और संकटग्रस्त जानवरों को नया जीवन दिया जाता है। इस केंद्र की स्थापना अनंत अंबानी ने इस सोच के साथ की कि जानवरों को सिर्फ बचाया ही नहीं जाए, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और विश्व-स्तरीय देखभाल भी मिले। जब मेसी यहां पहुंचे, तो वह इस सोच से गहराई से प्रभावित दिखे
जानवरों के बीच मेसी, कैमरों से दूर दिल के करीब
वनतारा भ्रमण के दौरान मेसी ने ओकापी, गैंडे, जिराफ़ और हाथियों को अपने हाथों से खाना खिलाया। यह दृश्य किसी प्रचार का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सहज और भावुक पल था। कई जानवर उत्सुकता से मेसी के पास आए—मानो वे किसी ऐसे इंसान को पहचान रहे हों, जो बिना शब्दों के भी अपनापन जता सकता है
मेसी ने शेरों, तेंदुओं, बाघों और अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण क्षेत्र में समय बिताया। यहां जानवर खुले, प्राकृतिक और समृद्ध माहौल में फल-फूल रहे हैं। कभी जिन जानवरों ने दर्द, भय और उपेक्षा देखी थी, आज वे यहां सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
इंटर मियामी के साथी भी बने इस अनुभव का हिस्सा
इस यात्रा में मेसी के साथ इंटर मियामी के उनके साथी खिलाड़ी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद थे। तीनों खिलाड़ियों ने निर्देशित भ्रमण के दौरान बड़े संरक्षण परिसर को देखा, जहां दुनिया भर से बचाकर लाए गए जानवरों का पुनर्वास किया जाता है। यह सिर्फ एक टूर नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी यह समझने का मौका था कि आधुनिक संरक्षण क्या होता है और कैसे इंसानी प्रयास जानवरों की तकदीर बदल सकते हैं।
जब जानवरों को मिलती है इंसानों जैसी चिकित्सा
वनतारा का मल्टी-स्पेशियलिटी वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल इस केंद्र की सबसे बड़ी पहचान है। मेसी ने यहां वास्तविक समय में जानवरों की जांच और सर्जरी प्रक्रियाओं को देखा। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टर और वैज्ञानिक तरीकों से जानवरों का इलाज—यह दृश्य मेसी के लिए चौंकाने वाला था। हर्बिवोर केयर सेंटर और रिपटाइल केयर सेंटर में जानवरों को विशेष पोषण, व्यवहार-आधारित प्रशिक्षण और चिकित्सा सहायता दी जाती है। सुव्यवस्थित पशुपालन प्रोटोकॉल के तहत हर जानवर की व्यक्तिगत जरूरत का ध्यान रखा जाता है। यही कारण है कि वनतारा को आज वैश्विक स्तर पर वन्यजीव कल्याण का एक मॉडल माना जा रहा है।
अनाथ जानवरों की कहानियों ने छू लिया दिल
फॉस्टर केयर सेंटर में मेसी ने अनाथ और कमजोर छोटे जानवरों की संघर्षपूर्ण कहानियां सुनीं। यह वो जानवर थे, जिन्हें कभी जंगल में अकेला छोड़ दिया गया, कभी तस्करी का शिकार बनाया गया। यहां उन्हें न सिर्फ इलाज, बल्कि देखभाल, सुरक्षा और प्यार भी मिलता है। इन कहानियों को सुनते हुए मेसी कई बार भावुक हो गए। उन्होंने माना कि यह अनुभव उन्हें भीतर तक झकझोर गया।
लियोनेल’ नाम का शेर और एक भावनात्मक संदेश
मेसी के सम्मान में अनंत अंबानी और राधिका अंबानी ने एक शेर के शावक का नाम “लियोनेल” रखा। यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक सम्मान नहीं, बल्कि शक्ति, नेतृत्व और करुणा का संगम था। अनंत अंबानी ने कहा कि मेसी जैसे वैश्विक व्यक्तित्व का समर्थन वन्यजीव संरक्षण के लिए दुनिया भर में सकारात्मक संदेश देगा।
मेसी का बयान: “यह अनुभव जीवन भर साथ रहेगा”
मेसी ने स्पेनिश में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा—
“वनतारा जो करता है, वह सचमुच बहुत सुंदर है। जानवरों के लिए किया जाने वाला काम, उन्हें मिलने वाली देखभाल और जिस तरीके से उन्हें बचाकर सुरक्षित रखा जाता है, वह वास्तव में प्रभावशाली है। हमने यहां बहुत अच्छा समय बिताया। यह एक ऐसा अनुभव है जो आपके साथ बना रहता है। इस अर्थपूर्ण कार्य को समर्थन देने के लिए हम निश्चित रूप से फिर से आएंगे।” उन्होंने भारत में वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
एक दौरा, जो संदेश बन गया
वनतारा में लियोनेल मेसी की मौजूदगी यह साबित करती है कि आज की दुनिया में असली महानता सिर्फ उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता से मापी जाती है। यह दौरा भारत के संरक्षण प्रयासों को वैश्विक मंच पर नई पहचान देता है।