बरेली के शाही थाना क्षेत्र के सेवा ज्वालापुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। शुक्रवार रात वॉलीबॉल मैच खेलने के बाद हैलोजन लाइट का तार हटाते समय 21 वर्षीय युवक करंट की चपेट में आ गया। साथियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
खेल के मैदान में खुशियां, कुछ ही देर में छा गया मातम
बरेली जिले के शाही थाना क्षेत्र के सेवा ज्वालापुर गांव में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। रोज की तरह गांव के युवक वॉलीबॉल खेलने के लिए मैदान में जुटे थे। खेल के दौरान माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ था, लेकिन मैच खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद एक ऐसा हादसा हुआ जिसने खुशियों को मातम में बदल दिया। मैच के बाद हैलोजन लाइट का तार हटाते समय एक युवक करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मंदिर के पास मैदान में रोज होता था खेल
ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहरी हिस्से में स्थित मंदिर के पास एक खुला मैदान है। यहां गांव के युवक रोज रात के समय वॉलीबॉल खेलते हैं। मैदान में स्थायी बिजली की व्यवस्था नहीं है, इसलिए खिलाड़ियों ने खुद ही अस्थायी इंतजाम कर रखा था। खंभे पर हैलोजन लाइट लगाकर मैदान को रोशन किया जाता था ताकि रात में भी खेल जारी रह सके। शुक्रवार रात भी गांव के युवक रोज की तरह मैदान में वॉलीबॉल खेलने पहुंचे थे। मैच के दौरान माहौल पूरी तरह खेल के उत्साह से भरा हुआ था।
मैच खत्म होने के बाद हुआ हादसा
मैच समाप्त होने के बाद खिलाड़ी मैदान की व्यवस्था समेटने लगे। रात करीब दस बजे कुछ युवक हैलोजन लाइट बंद करने और बिजली का तार हटाने लगे। इसी दौरान 21 वर्षीय दुर्गा प्रसाद खंभे पर डाले गए बिजली के तार को हटाने के लिए कूड़ेदान पर खड़ा हो गया। जैसे ही उसने तार हटाने की कोशिश की, अचानक उसका हाथ बिजली के तार से छू गया। इससे उसे तेज करंट का झटका लगा।
करंट लगते ही जमीन पर गिर पड़ा युवक
करंट का झटका इतना तेज था कि दुर्गा प्रसाद तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। उसे गिरते देख साथी खिलाड़ी घबरा गए और तुरंत उसकी ओर दौड़े। साथियों ने उसे उठाकर तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बरेली रेफर कर दिया।
निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
- परिजन और साथी युवक को जल्द से जल्द बेहतर इलाज दिलाने के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
- लेकिन देर रात डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
- युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
गांव में छा गया मातम
- दुर्गा प्रसाद की अचानक मौत की खबर पूरे गांव में फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई।
- जो लोग कुछ देर पहले मैदान में खेल का आनंद ले रहे थे, वही लोग अब गम में डूबे नजर आए।
- ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गा प्रसाद मिलनसार और मेहनती युवक था। उसकी मौत से गांव में गहरा दुख है।
अवैध बिजली कनेक्शन से लगाई गई थी लाइट
ग्रामीणों के मुताबिक मैदान में रोशनी के लिए खंभे से अवैध रूप से बिजली का तार डालकर हैलोजन लाइट लगाई गई थी। स्थायी बिजली की व्यवस्था न होने के कारण युवक इसी तरह अस्थायी इंतजाम से रात में खेलते थे। मैच के बाद इसी तार को हटाने के दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली के असुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षित तरीके से बिजली की व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के मैदानों में सुरक्षित रोशनी की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दुर्गा प्रसाद की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन इस घटना से पूरी तरह सदमे में हैं। गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं।
एक लापरवाही बनी जानलेवा
यह हादसा इस बात की भी याद दिलाता है कि बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली के तार और उपकरणों को संभालते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है, जैसा कि इस घटना में हुआ।