बरेली। टेक्नोलॉजी के स्मार्ट और अभिनव इस्तेमाल से पुलिसिंग को नई दिशा देने वाली आईपीएस अंशिका वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एसपी साउथ बरेली के रूप में तैनात अंशिका वर्मा द्वारा विकसित डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) ऐप अब सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है।
लखनऊ में तीन दिन तक चली आईपीएस मीट के दौरान जब अंशिका वर्मा ने इस ऐप का प्रेजेंटेशन दिया, तो इसकी कार्यशैली, सटीकता और प्रभावशीलता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खासा प्रभावित किया। ऐप की उपयोगिता और बेहतर परिणामों को देखते हुए राजीव कृष्ण ने एसपी साउथ को सम्मानित किया।
आगरा में रखी गई नींव, बरेली में मिली पहचान
आईपीएस अंशिका वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में आगरा में तैनाती के दौरान चार सहयोगियों की टीम के साथ इस ऐप की शुरुआत की गई थी। लगातार अपग्रेड और फील्ड ट्रायल के बाद अगस्त माह में बरेली के दरगाह आला हजरत उर्स और गंगा महारानी शोभायात्रा के दौरान इसे बड़े स्तर पर प्रयोग में लाया गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से मिले सकारात्मक फीडबैक ने साबित कर दिया कि बड़े आयोजनों की ड्यूटी मैनेजमेंट अब ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी हो सकती है।
डैशबोर्ड से हर ड्यूटी प्वाइंट पर नजर
डीडीएमएस ऐप के डैशबोर्ड सिस्टम के माध्यम से अधिकारी हर ड्यूटी प्वाइंट की रियल-टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर सकते हैं। आपात स्थिति में एक क्लिक पर सामूहिक मैसेज भेजकर पूरी फोर्स को तुरंत निर्देश दिए जा सकते हैं, जिससे रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
डीडीएमएस ऐप की प्रमुख विशेषताएं
-ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति
-लोकेशन आधारित मौजूदगी की पुष्टि
-सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एकसाथ मैसेजिंग सुविधा
-ड्यूटी स्थल का सटीक मैप और साइट मैप देखने की सुविधा
प्रदेश से बाहर भी बढ़ा डीडीएमएस का दायरा
बरेली में सफल प्रयोग के बाद 2024 में गोरखपुर चुनाव ड्यूटी में भी डीडीएमएस ऐप का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद अमरनाथ यात्रा के दौरान सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के करीब 11 हजार जवानों की ड्यूटी मैनेजमेंट इसी ऐप के जरिए की जा रही है। इसके अलावा इंदौर की ट्रैफिक पुलिस भी इस ऐप को अपनाकर ट्रैफिक नियंत्रण और पुलिस समन्वय को बेहतर बना रही है।
तकनीक से बदली जा रही पुलिसिंग की तस्वीर
आईपीएस अंशिका वर्मा का यह इनोवेशन इस बात का प्रमाण है कि तकनीक के सही इस्तेमाल से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है। डीडीएमएस ऐप को भविष्य की पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।