लखनऊ। उत्तर प्रदेश, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के मामले में देश का अग्रणी राज्य है। देश में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फेसिलिटी केंद्रों (आरवीएसएफ) और स्क्रैप किए गए वाहनों के मामले में यूपी सबसे आगे है। यूपी परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यूपी में वर्तमान में 84 आरवीएसएफ केंद्र हैं, जिनमें से 45 पूरी तरह संचालित हैं। वहीं राज्य में अब तक लगभग 94,094 निजी तथा व्यावसायिक वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। इन वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से नष्ट करने से न केवल सड़कों पर प्रदूषण का स्तर कम हुआ है, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
यूपी में हैं देश में सर्वाधिक आरवीएसएफ केंद्र
सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रदूषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत प्रदेश में अब तक 84 आरवीएसएफ केंद्र खोले जा चुके हैं, जिनमें से 45 केंद्रों का सफल संचालन किया जा रहा है। आरवीएसएफ केंद्रों की संख्या के मामले में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। इस क्रम में हरियाणा दूसरे स्थान पर है और उसके बाद राजस्थान और गुजरात का स्थान है। केंद्र सरकार की पुराने और अधिक प्रदूषण करने वाले वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने की नीति वर्तमान में देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। लेकिन इस मामले में यूपी की सक्रियता बेजोड़ है, जहां परिवहन विभाग स्क्रैपिंग का संचालन और निगरानी सीधे तौर पर करता है। परिवहन विभाग की यह नीति पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है।
स्क्रैप किए गए वाहनों की संख्या में भी यूपी सबसे आगे
भारत सरकार के सड़क परिवहन और हाइवे मंत्रालय के डैशबोर्ड के अनुसार दिसंबर 2025 तक पूरे भारत में लगभग 3.94 लाख वाहन स्क्रैप हो चुके हैं। जिनमें से 1.65 लाख सरकारी और 2.29 लाख निजी/व्यावसायिक वाहन हैं। स्क्रैप वाहनों की संख्या में भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, राज्य में दिसंबर 2025 तक लगभग 94,094 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। जो देश में स्क्रैप वाहनों की कुल संख्या का लगभग 42 प्रतिशत है। इस मामले में यूपी के बाद हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र का नंबर आता है। पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।