उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पंचायत सचिवालय उस वक्त अखाड़ा बन गया जब संविदा लाइनमैन की पत्नी ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर का कॉलर पकड़कर पिटाई कर दी। नौकरी से हटाने और वेतन कटौती को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते सार्वजनिक मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में चर्चा और सियासी हलचल तेज हो गई।
पंचायत सचिवालय बना अखाड़ा
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के चौधरीडीह ग्राम पंचायत सचिवालय में सोमवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सरकारी व्यवस्था और संविदा रोजगार की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। एक संविदा लाइनमैन की पत्नी ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) अजीत कुमार की कॉलर पकड़ ली और सबके सामने धक्का-मुक्की करते हुए थप्पड़ जड़ दिए। मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव करने की बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। कुछ ही घंटों में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
नौकरी से हटाना बना विवाद की जड़
जानकारी के मुताबिक, जेई अजीत कुमार ने कुछ दिन पहले संविदा लाइनमैन रामरंग को सेवा से हटा दिया था। रामरंग का आरोप है कि उन्हें पिछले एक साल से लगातार परेशान किया जा रहा था। नियमित ड्यूटी करने के बावजूद वेतन में कटौती की जा रही थी और उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी दर्ज नहीं की जाती थी। उनका दावा है कि दिसंबर में 10 दिन का वेतन काट लिया गया, जबकि जनवरी में भी पूरा भुगतान नहीं मिला।
इसी मुद्दे को लेकर रामरंग की पत्नी सुमन पंचायत सचिवालय पहुंची थीं। उनका कहना है कि वह अपने पति को दोबारा नौकरी पर रखने और बकाया वेतन दिलाने की मांग करने गई थीं।
बहस से बढ़ी बात, फिर हाथापाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान बात इतनी बढ़ गई कि महिला ने जेई की कॉलर पकड़ ली और थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। जेई खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन महिला का गुस्सा कम नहीं हुआ। दूसरी ओर, सुमन का आरोप है कि जेई ने पहले उन्हें पैर से मारा, जिससे विवाद बढ़ गया। उनका कहना है कि “अगर मेरे पति को नौकरी से निकाला गया तो कम से कम उसका बकाया वेतन तो दिया जाए।”
पुलिस में पहुंचा मामला
घटना के बाद जेई अजीत कुमार की ओर से थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद जेई की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महिला और उसके पति ने भी लिखित शिकायत दी है जिसमें वेतन कटौती और अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाया गया है।
संविदा लाइनमैन हुए लामबंद
इस घटना के बाद जिले में संविदा लाइनमैनों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि संविदा कर्मचारियों के साथ वेतन भुगतान और सेवा सुरक्षा को लेकर अक्सर समस्याएं होती हैं। वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बकाया वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि “अगर संविदा कर्मियों की समस्याएं समय पर सुनी जाएं तो ऐसी नौबत नहीं आएगी।”
सोशल मीडिया पर बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक पक्ष महिला के व्यवहार को कानून हाथ में लेना बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष संविदा कर्मचारी के उत्पीड़न की बात कर रहा है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी तंत्र में शिकायतों का कोई प्रभावी तंत्र नहीं है, जिसके कारण लोग सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाते हैं?