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उज्जैन के तराना इलाके में बीती रात हुई हिंसा ने पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बजरंग दल के नेता सोहेल ठाकुर पर जानलेवा हमला होने के बाद उपद्रवियों ने पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए तुरंत कार्रवाई की, 18 दंगाई गिरफ्तार किए और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया। ड्रोन और CCTV से निगरानी करते हुए पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च कर स्थिति नियंत्रण में रखा।

उज्जैन हिंसा: उपद्रवियों ने फैलाया आतंक, पुलिस ने किया सख्त एक्शन

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के तराना इलाके में बीती रात हुई हिंसा ने पूरे इलाके में डर और तनाव फैला दिया। घटना की शुरुआत 22 जनवरी की रात हुई, जब बजरंग दल के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर पर कुछ उपद्रवियों ने जानलेवा हमला किया। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। अगले दिन यानी गुरुवार और शुक्रवार को उपद्रवियों की भीड़ ने स्थानीय हिंदू मोहल्लों में जमकर तोड़फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी की। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 18 दंगाइयों को गिरफ्तार किया और पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया। CCTV और ड्रोन निगरानी के माध्यम से पुलिस दंगाइयों की पहचान और गतिविधियों पर नजर रख रही है।

दंगाइयों की भीड़ का आतंक

तथ्यों के अनुसार, दंगाई चेहरे पर नकाब, सिर पर टोपी और हाथ में लाठी, डंडे या तलवार लिए हुए थे। दंगाई जुमे की नमाज के बाद हिंदू मोहल्लों में घुसकर घरों, मंदिरों और वाहनों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ कर रहे थे।

  • घरों पर ईंट-पत्थर बरसाए गए।
  • मंदिरों की खिड़कियों के शीशे तोड़े गए।
  • बसों में तोड़फोड़ की गई, एक बस को आग के हवाले कर दिया गया।
  • 11 अन्य बसों को नुकसान पहुंचा और 6 से ज्यादा घरों पर हमला किया गया।
  • 10 गाड़ियों को क्षति हुई।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि दंगाई बेखौफ होकर मोहल्लों में घूम रहे थे और लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

    पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

    उज्जैन पुलिस ने हिंसा के तुरंत बाद सख्त कार्रवाई शुरू की। तराना इलाके में भारी फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है। ड्रोन और CCTV कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि “CCTV फुटेज की मदद से दंगाइयों की पहचान की जा रही है। अब तक 18 दंगाई गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू है और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं।” पुलिस ने आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए हैं। साथ ही, इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

    मौलिक कारण और विवाद

    मुस्लिम पक्ष का कहना है कि दो व्यक्तियों के बीच आपसी विवाद हुआ था, जिसे गलतफहमी के कारण हिंदू-मुस्लिम टकराव में बदल दिया गया। हालांकि हिंसा के बाद हालात फिलहाल कंट्रोल में हैं। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से शहर में अब स्थिति शांत है, लेकिन सुरक्षा की निगरानी जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं समुदाय में डर और अविश्वास पैदा करती हैं। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी उकसावे पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की सलाह दी है।

    दंगाईयों का पैटर्न और असर

    दंगाई नकाबपोश थे और लाठी, डंडे, तलवार और ईंट-पत्थर के साथ हिंसा कर रहे थे। उन्होंने हिंदू मोहल्लों में जानलेवा हमला किया, घरों की खिड़कियों को तोड़ा, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और बसों में आग लगा दी। 1 बस पूरी तरह जल गई, धुआं कई किलोमीटर दूर तक देखा गया। घरों पर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ से स्थानीय निवासियों में भय का माहौल रहा। दुकानों और सड़क किनारे आगजनी से व्यापार प्रभावित हुआ। पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर आग को बुझाने और हालात को नियंत्रण में लाने में सफल रहे।

    पुलिस और प्रशासन का सख्त रुख

    पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च जारी रखा और ड्रोन निगरानी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी। SP प्रदीप शर्मा ने बताया कि अभी तक 18 दंगाई गिरफ्तार किए जा चुके हैं। CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों से अन्य दंगाइयों की पहचान की जा रही है। अधिकारी लगातार इलाके में मार्च कर रहे हैं और सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष उपाय कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्थानीय प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति

    हिंसा के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। कई लोग भयभीत हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता और ड्रोन निगरानी ने उन्हें कुछ हद तक राहत दी है। अब इलाके में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी उकसावे में न आएं और स्थिति को सामान्य बनाए रखने में सहयोग करें।

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