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शांति की चाबी अब ट्रंप के हाथ? जेलेंस्की की नई योजना से पहले अमेरिका में हलचल तेज

यूक्रेन और रूस के बीच लगभग चार वर्षों से जारी भीषण युद्ध को लेकर एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस युद्ध ने न केवल यूरोप को बल्कि पूरी दुनिया को आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक रूप से प्रभावित किया है। ऐसे समय में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच किसी भी संभावित शांति समझौते के लिए उनकी व्यक्तिगत मंजूरी अनिवार्य होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रविवार, 28 दिसंबर को फ्लोरिडा में ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं।

ट्रंप का दो टूक संदेश: “मेरी मंजूरी के बिना कुछ नहीं

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,यूक्रेन और रूस के बीच शांति समझौते के लिए मेरी मंजूरी जरूरी होगी। जब तक मैं इसे मंजूरी नहीं देता, तब तक उनके पास कुछ भी नहीं है। हम देखेंगे कि जेलेंस्की के पास क्या है। ट्रंप के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक शक्ति संतुलन के संकेत के रूप में देख रहे हैं। इससे साफ हो गया है कि अमेरिका इस युद्ध में केवल समर्थक नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाना चाहता है।

जेलेंस्की की नई 20-सूत्रीय शांति योजना

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की इस अहम मुलाकात में एक नई 20-सूत्रीय शांति योजना पेश करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह योजना युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है। जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि यह प्रस्ताव लगभग 90 प्रतिशत तक तैयार हो चुका है और इसमें अमेरिका तथा यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति शामिल है। इस योजना में संभावित तौर पर:

  • विसैन्यीकृत क्षेत्र (Demilitarized Zone)
  • रूस-यूक्रेन सीमा पर निगरानी
  • अमेरिका से दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी
  • युद्ध प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
  • जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

फ्लोरिडा मीटिंग से दुनिया को उम्मीद

फ्लोरिडा में होने वाली यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय बातचीत नहीं है, बल्कि इसे वैश्विक शांति की दिशा में संभावित टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। युद्ध से थकी दुनिया की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं। ट्रंप ने इस बैठक को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा, मुझे लगता है कि जेलेंस्की के साथ सब ठीक रहेगा। मुझे लगता है कि व्लादिमीर पुतिन के साथ भी सब ठीक रहेगा।

पुतिन से जल्द बातचीत की तैयारी

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जल्द बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह पहली बार होगा जब तीनों शक्तिशाली नेता – ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की – शांति प्रक्रिया के केंद्र में होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभाता है, तो युद्ध समाप्त होने की संभावना बढ़ सकती है।

पर्दे के पीछे कूटनीति तेज

यह बयान ऐसे समय आया है जब जेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से भी मुलाकात की थी। इन बैठकों को शांति वार्ता की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अब केवल सैन्य समर्थन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह इस युद्ध का समाधानकर्ता बनना चाहता है।

नेतन्याहू की भी संभावित मुलाकात

इस बीच ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी लगभग उसी समय उनसे मुलाकात कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा, मेरे पास जेलेंस्की और बिबी आ रहे हैं। वे सब आ रहे हैं। वे हमारे देश का फिर से सम्मान कर रहे हैं। यह बयान अमेरिका की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता की ओर इशारा करता है।

क्या वाकई खत्म होगा युद्ध?

सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या यूक्रेन-रूस युद्ध अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है?
हालांकि उम्मीदें जगी हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। रूस की शर्तें, यूक्रेन की संप्रभुता और नाटो की भूमिका जैसे मुद्दे अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। फिर भी, ट्रंप का आत्मविश्वास और जेलेंस्की की नई शांति योजना आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

फ्लोरिडा में होने वाली यह मुलाकात सिर्फ एक राजनीतिक बैठक नहीं, बल्कि युद्ध और शांति के बीच खड़ी दुनिया के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हो सकती है। अगर सहमति बनती है, तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलताओं में से एक होगी। अब सबकी नजरें ट्रंप की मंजूरी और जेलेंस्की की 20-सूत्रीय योजना पर टिकी हैं।

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