बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को सीबीगंज क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। बिना किसी स्वीकृति और नक्शा पास कराए विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बीडीए की टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई से न केवल इलाके में हड़कंप मच गया, बल्कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों में भी खलबली मच गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। मौके पर सहायक अभियंता धर्मवीर सिंह, अवर अभियंता सुरेंद्र द्विवेदी, संदीप कुमार सहित प्रवर्तन दल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की निगरानी में कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
जांच में सामने आई अवैध प्लॉटिंग
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने बताया कि प्राधिकरण को लंबे समय से सीबीगंज क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि ग्राम भगवन्तापुरा में आफाक उर्फ मन्नी भाई द्वारा लगभग 40 बीघा जमीन पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। जमीन पर भूखंडों का चिन्हांकन कर बाउंड्रीवॉल और अन्य निर्माण कार्य भी कराए जा रहे थे।
40 बीघा जमीन पर बनी कॉलोनी ध्वस्त
जांच रिपोर्ट के बाद बीडीए की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर चलाकर बाउंड्रीवॉल, सड़कनुमा संरचनाएं और अन्य अस्थायी निर्माण गिरा दिए गए। बीडीए अधिकारियों के अनुसार, संबंधित कॉलोनाइजर ने न तो नक्शा पास कराया था और न ही किसी तरह की अनुमति ली थी, इसके बावजूद प्लॉट बेचने की तैयारी की जा रही थी।
20 बीघा में विकसित हो रही दूसरी अवैध कॉलोनी भी ढही
इसी गांव में मुस्तफाक अहमद द्वारा लगभग 20 बीघा जमीन पर एक और अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी बिना नक्शा स्वीकृत कराए प्लॉट काटे जा रहे थे और निर्माण की तैयारी चल रही थी। बीडीए की टीम ने इस स्थल पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए सभी अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया। कुल मिलाकर करीब 60 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चला।
अवैध कॉलोनियों से बढ़ रही थीं समस्याएं
बीडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसी कॉलोनियों में न सड़कें मानक के अनुसार होती हैं, न सीवर, न जल निकासी और न ही बिजली-पानी की उचित व्यवस्था। बाद में इन्हीं समस्याओं को लेकर लोग प्रशासन के पास शिकायतें करते हैं, जिससे शासन और नगर निकायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
कॉलोनाइजरों में मची खलबली
प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों में खलबली मच गई है। कई जगहों पर निर्माण कार्य रुक गया है और लोग अब बीडीए की कार्रवाई को लेकर सतर्क हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।
आम नागरिकों के लिए चेतावनी
बरेली विकास प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी भूखंड या मकान खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच जरूर करें। यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी बीडीए से स्वीकृत है और नक्शा पास है। बिना स्वीकृति के बनी कॉलोनियों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ऐसी जगहों पर कभी भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
नियमों की अनदेखी पर सख्ती तय
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित करना है और इसके लिए किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बीडीए की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।