बरेली। कोर्ट परिसर में शराब पीकर हंगामा करने और एक दरोगा से अभद्रता व हाथापाई करने के मामले में जिला जज ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन लिपिकों को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के मुताबिक होली से पहले कोर्ट परिसर के एक हिस्से में लिपिक वरुण पांडे, सौरभ कुमार और अजय साहू शराब पी रहे थे। इसी दौरान एक दरोगा अभियुक्त को रिमांड पर पेश कराने के सिलसिले में वहां पहुंचा। दरोगा ने सामान्य तरीके से पूछा कि रिमांड की प्रक्रिया यहीं होगी या किसी अन्य कक्ष में, लेकिन शराब के नशे में धुत बाबू इस बात पर भड़क गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और तीनों ने दरोगा से अभद्रता करते हुए उसके साथ हाथापाई कर दी।
कोर्ट परिसर में मचा हंगामा, अधिकारियों तक पहुंचा मामला
दरोगा और लिपिकों के बीच हुए विवाद के बाद कोर्ट परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। मामला धीरे-धीरे न्यायिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया। हालांकि शुरुआती स्तर पर इस मामले को शांत कराने की कोशिश भी की गई, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे दबाया नहीं जा सका।
जांच में मिली शराब की बोतलें और गिलास
जिला जज के निर्देश पर जब मौके की जांच कराई गई तो जिस स्थान पर लिपिक बैठे थे, वहां से शराब की बोतलें, गिलास और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई। न्यायालय परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की गतिविधि पाए जाने पर जिला जज ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला जज का सख्त फैसला, तीनों लिपिक निलंबित
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला जज ने तीनों लिपिकों वरुण पांडे, सौरभ कुमार और अजय साहू को निलंबित कर दिया। न्यायालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अदालत की गरिमा के साथ किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस मामले में तीनों लिपिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि दरोगा और बाबुओं के बीच एक न्यायिक अधिकारी ने पहले समझौता करा दिया था, लेकिन मामला सामने आने के बाद अब यह फिर से तूल पकड़ता जा रहा है।