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आगरा में एक सनसनीखेज वारदात ने महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्नी से विवाद के बाद मानसिक संतुलन खो बैठे एक युवक ने महिलाओं के निजी अंगों पर हमला कर दहशत फैला दी। 22 फरवरी को मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला पर चाकू से हमला करने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी खंगालकर गिरफ्तार कर लिया।

आगरा में खौफ का चेहरा बेनकाब

ताज नगरी आगरा में एक ऐसी वारदात सामने आई जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। सुबह की ताजी हवा लेने निकली महिलाएं शायद ही सोच सकती थीं कि कोई सनकी उनकी हर हरकत पर नजर गड़ाए बैठा है। पत्नी से विवाद के बाद महिलाओं के प्रति नफरत से भरा एक युवक उन्हें निशाना बना रहा था। 22 फरवरी की सुबह थाना न्यू आगरा क्षेत्र के दयालबाग इलाके में यह खौफनाक घटना घटी। पुष्पांजलि बाग निवासी सोना देवी रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। अदन बाग के पास अचानक पीछे से आए एक युवक ने उन पर हमला कर दिया। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पातीं, आरोपी ने उनके निजी अंग पर चाकू से वार किया और भाग निकला। लहूलुहान हालत में महिला को तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। परिजन और स्थानीय लोग स्तब्ध थे। बेटे राहुल अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात हमलावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मामला क्यों बना चुनौती?

एसीपी हरिपर्वत अक्षय महाडिक के अनुसार यह वारदात सामान्य हमले जैसी नहीं थी। हमला जिस तरीके से किया गया, वह साफ तौर पर किसी सनकी मानसिकता का संकेत दे रहा था। आरोपी न तो महिला को जानता था और न ही कोई पुरानी रंजिश थी। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पैदल आता-जाता दिखा। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। वह किसी एक जगह नहीं ठहरता था। घटना के बाद वह कभी पार्क, कभी सड़क किनारे, तो कभी अस्पताल में जाकर सो जाता था और पुलिस पहुंचने से पहले ही निकल जाता था। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई दिनों की मशक्कत के बाद गुरुवार रात खासपुर चौराहे के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी की पहचान और खुलासा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्याम सुंदर शर्मा के रूप में हुई है, जो सुभाष नगर भूड़ का बाग का रहने वाला है। वह चांदी की कारीगरी का काम करता था। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसके अनुसार तीन महीने पहले पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। दोनों के बीच लगातार झगड़े होते थे। पत्नी के चले जाने के बाद वह महिलाओं से नफरत करने लगा। उसने स्वीकार किया कि वह जानबूझकर चाकू लेकर चलता था। जिस दिन घटना हुई, महिला ने उसे पीछा करने के शक में टोका। इसी बात पर वह आपा खो बैठा और उसने पीछे से वार कर दिया। चाकू शरीर में फंसा छोड़कर वह भाग गया।

मानसिक विकृति या सोची-समझी साजिश?

पुलिस अब आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच करवा रही है। सवाल यह है कि क्या यह महज पत्नी से विवाद का नतीजा था या उसके भीतर पहले से कोई मानसिक असंतुलन था? विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत रिश्तों में असफलता कभी-कभी विकृत सोच को जन्म दे सकती है, लेकिन किसी भी हाल में यह हिंसा का औचित्य नहीं बन सकती।

महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

  • यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
  • क्या मॉर्निंग वॉक या सार्वजनिक स्थान भी सुरक्षित नहीं?
  • क्या मानसिक असंतुलन वाले लोगों की पहचान और निगरानी के लिए कोई प्रभावी तंत्र है?
  • क्या पुलिस गश्त और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है?

स्थानीय महिलाओं में घटना के बाद डर का माहौल है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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