बरेली के फरीदपुर में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए शनिवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी विश्राम सिंह के निर्देश पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन केंद्रों की जांच की। दो सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया गया, जबकि एक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों में डर का माहौल बन गया है।
मर्सी अल्ट्रासाउंड: बिना पंजीकरण चल रहा था खेल
छापेमारी का पहला पड़ाव मर्सी अल्ट्रासाउंड सेंटर रहा। निरीक्षण में सामने आया कि सेंटर के पास वैध पंजीकरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। टीम ने जब रिकॉर्ड खंगाले तो संचालन संबंधी कई सवाल खड़े हो गए। बिना वैध अनुमति के सेंटर संचालित पाया गया, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। PCPNDT Act के तहत यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अधिकारियों ने मौके पर ही सेंटर को सील कर दिया। ताला लगते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और चर्चा शुरू हो गई कि लंबे समय से यहां यह गतिविधि चल रही थी।
सहारा अल्ट्रासाउंड: पंजीकरण एक जगह, संचालन दूसरी जगह
इसके बाद टीम सहारा अल्ट्रासाउंड पहुंची। यहां का मामला और भी चौंकाने वाला था। जांच में पता चला कि सेंटर अपने पंजीकृत पते से अलग स्थान पर संचालित हो रहा था। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि पंजीकरण के दौरान दिए गए पते से अलग जगह संचालन की अनुमति नहीं होती। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से सेंटर सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कुछ कर्मचारी सफाई देने की कोशिश करते रहे, लेकिन दस्तावेजों के अभाव में टीम ने सख्त रुख अपनाया।
एल्फा अल्ट्रासाउंड: भनक लगते ही बंद, संचालक फरार
तीसरे केंद्र एल्फा अल्ट्रासाउंड पर टीम पहुंची तो सेंटर बंद मिला। जानकारी मिली कि निरीक्षण की सूचना मिलते ही संचालक मौके से फरार हो गया। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित चिकित्सक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपना नाम हटाने के लिए आवेदन दे रखा था, जिससे संदेह और गहरा गया।
अब इस मामले में विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
PCPNDT Act के तहत सख्ती
नोडल PCPNDT और डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में अवैध रूप से संचालित किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रूण लिंग जांच और अवैध सोनोग्राफी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। जिन केंद्रों में अनियमितताएं मिली हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का संदेश: अब नहीं बचेगा कोई
डीएम और सीएमओ के सख्त रुख के बाद जिले के अन्य संदिग्ध क्लीनिकों में भी हलचल तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
स्थानीय असर और सामाजिक पहलू
फरीदपुर में इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया, तो कुछ ने आशंका जताई कि इससे मरीजों को अस्थायी परेशानी हो सकती है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिन सेंटरों में वैध पंजीकरण और नियमों का पालन होगा, उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।