लखनऊ। उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी की आम महिला अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावनात्मक पत्र लिखकर बताया कि उज्ज्वला योजना के आने से उनके और उनके जैसे लाखों महिलाओं की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव आया है। अरुणा ने अपने पत्र में लिखा कि पहले रसोई गैस कनेक्शन और सिलेंडर तक पहुँच पाना कितना मुश्किल था, लेकिन उज्ज्वला योजना के बाद घर पर सिलेंडर की डिलीवरी, मोबाइल बुकिंग और सीधे बैंक खाते में सब्सिडी ने उनके जीवन को आसान और सम्मानजनक बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पत्र का उत्तर देते हुए उनके अनुभवों और देश की महिलाओं के आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की आम महिला अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में बताया कि उज्ज्वला योजना और अन्य सरकारी पहलों ने उनके जीवन में किस तरह का सकारात्मक बदलाव लाया है। उनके पत्र का उत्तर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने भावनात्मक रूप से दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद और नेह उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा और ताकत है।
अरुणा श्री ने अपने पत्र में अपनी शादी के समय, वर्ष 2004, की यादें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि उन दिनों LPG कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। सिलेंडर पाने के लिए लंबी कतारें, बार-बार एजेंसी के चक्कर और कई बार ब्लैक मार्केट से गैस खरीदने की मजबूरी आम जीवन का हिस्सा थी। इन सबने आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव बढ़ाया। लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की उज्ज्वला योजना के आने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
उन्होंने अपने पत्र में एक छोटी, लेकिन महत्वपूर्ण घटना का वर्णन किया। एक दिन अचानक गैस खत्म हो गई और भोजन बनाना मुश्किल हो गया। पहले ऐसा होने पर पूरे काम ठप हो जाते थे। लेकिन उज्ज्वला योजना के तहत घर पर 15 मिनट में नया सिलेंडर पहुँच गया, और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा ने लिखा कि ये छोटी-छोटी सुविधाएँ आम महिलाओं के जीवन को सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसी पहलों से देश की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व से विकसित भारत की तस्वीर सामने आ रही है।
अरुणा श्री के अनुभव ने यह भी दिखाया कि सरकारी योजनाएँ केवल विज्ञापन या भाषणों तक सीमित नहीं रह जातीं। जब सही ढंग से आमजन तक पहुँचती हैं, तो वे आम जीवन में संतोष, आत्मविश्वास और सम्मान लाती हैं। उनकी कहानी उज्ज्वला योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और मध्यमवर्गीय महिलाओं के लिए game-changer साबित हुई है।
उज्ज्वला योजना ने LPG कनेक्शन मुफ्त प्रदान कर, सिलेंडर की सुविधा घर तक पहुँचाने और सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करने जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाया है। अरुणा ने बताया कि पहले सिलेंडर लेने के लिए कई घंटे लाइन में खड़े होना पड़ते थे और गैस एजेंसी की सिफ़ारिशों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मोबाइल बुकिंग और तेज डिलीवरी ने उनकी दिनचर्या को सरल बना दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि महिलाओं का सहयोग और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पक्के मकान और अन्य योजनाओं के माध्यम से देश की महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सशक्त नेतृत्व कर रही हैं।
अरुणा श्री के पत्र का यह संदेश सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है। यह पूरे देश की लाखों महिलाओं की कहानी है, जिन्होंने सरकारी पहलों के माध्यम से अपने जीवन में बदलाव देखा। उनका अनुभव यह दर्शाता है कि योजनाएँ तभी प्रभावी होती हैं जब उनका लाभ वास्तविक लोगों तक पहुँचता है और उनकी जीवन शैली में बदलाव लाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पत्र का उत्तर देते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चल रहे प्रयासों से देश की प्रगति सुनिश्चित होगी।
अरुणा श्री की कहानी हमें यह सिखाती है कि सरकारी नीतियों का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है जब वे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सरल और सम्मानजनक बनाती हैं। उज्ज्वला योजना जैसी पहल महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में सक्षम है।
इस प्रकार, उज्ज्वला योजना और डबल इंजन सरकार की अन्य पहलों ने न केवल महिलाओं का जीवन आसान बनाया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानित बनाने में भी मदद की है। अरुणा श्री का पत्र और प्रधानमंत्री का उत्तर इस बदलाव की सबसे बड़ी गवाही है।