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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली, महाशिवरात्रि और रमजान सहित विभिन्न पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 से 04 मार्च तक होली का पर्व मनाया जाएगा। ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में होलिकोत्सव के दौरान हर्ष और उल्लास का माहौल होना चाहिए। यह सुनिश्चित करायें कि शोभायात्राओं में उपद्रवी तत्वों की घुसपैठ किसी भी स्थिति में न होने पाए। रंग में भंग डालने वालों, उन्माद फैलाने वालों एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सभी मंडलों, पुलिस ज़ोन, रेंज एवं जनपदों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में पर्व-त्योहारों के दौरान घटित घटनाओं से सीख लेते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सतर्कता, निगरानी एवं प्रबंधन को और अधिक मजबूत किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही कराया जाए, सड़क के मध्य किसी भी स्थिति में दहन न किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सतत निगरानी रखी जाए। आगामी महाशिवरात्रि, होली, रमजान, माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं, जनगणना तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध समय से सुनिश्चित किए जाएं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर जलार्पण हेतु निकलने वाले कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहें। पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस संबंध में पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी एवं बाराबंकी के जिलाधिकारियों से महाशिवरात्रि पर प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 14 एवं 15 फरवरी को प्रमुख शिवधामों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन, यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें 24×7 सक्रिय रहें। मंदिर परिसरों में तैनात पुलिस कार्मिक श्रद्धालुओं से मर्यादित व्यवहार करें तथा पर्याप्त संख्या में महिला कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यातायात जाम के प्रमुख कारकों को चिन्हित कर उनके स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जाएं। अस्थायी व्यवस्थाओं के स्थान पर दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक उपाय लागू किए जाएं, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो।

धर्मस्थलों पर ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर निर्देश दिए गए कि उनकी आवाज़ किसी भी स्थिति में परिसर से बाहर न जाए। पूर्व में ऐसी गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। अतः नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोहों में रात्रि 10 बजे के उपरांत डीजे, साउंड सिस्टम अथवा तेज़ ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति की गतिविधियों में वृद्धि संज्ञान में आई है। इस पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के यथोचित पुनर्वास की योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम एवं कार्यक्षमता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध, जहरीली एवं नकली मदिरा के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभाग निरंतर अलर्ट रहें। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्टंटबाजी करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष सतर्कता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 फरवरी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 10 एवं 12 की परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं। परीक्षाएं नकलविहीन कराई जाएं तथा परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी अवधि में रमजान माह भी प्रारंभ होगा तथा संभावित रूप से 21 मार्च को ईद का पर्व मनाया जाएगा। धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखा जाए। किसी भी स्थिति में कोई नई परंपरा प्रारंभ न की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से वासंतिक नवरात्र प्रारंभ होंगे, इसके उपरांत राम नवमी का पर्व आएगा। इन सभी आयोजनों की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि आगामी दिनों में जनगणना का प्रथम चरण प्रारंभ हो रहा है, जिसके लिए सभी जिलाधिकारी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अत्यंत सतर्क रहना होगा। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं जवाबदेही के साथ करे।

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