बरेली में बिजली विभाग के खिलाफ गुस्से का ‘करंट’ इस कदर दौड़ा कि सर्किट हाउस की बैठक ही हंगामे का केंद्र बन गई। विजिलेंस के नाम पर कथित वसूली, स्मार्ट मीटर की मनमानी कटौती और अफसरों की लापरवाही पर जनप्रतिनिधियों ने खुलकर हमला बोला। सांसद छत्रपाल गंगवार के सख्त तेवरों ने साफ संकेत दे दिया—अब जनता के नाम पर खेल करने वालों की खैर नहीं।
सर्किट हाउस में गरजा जनाक्रोश, बिजली विभाग कठघरे में
बरेली के सर्किट हाउस में आयोजित समन्वय बैठक इस बार महज औपचारिक नहीं रही, बल्कि बिजली विभाग की कार्यशैली पर तीखे सवालों का मंच बन गई। जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि विभागीय लापरवाही और मनमानी ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। बैठक के दौरान माहौल कई बार गरमा गया और अफसरों को जवाब देने में पसीना आ गया। साफ दिखा कि बिजली का मुद्दा अब राजनीतिक और जनभावनाओं दोनों का केंद्र बन चुका है।
‘विजिलेंस’ के नाम पर वसूली! सांसद ने दी सख्त चेतावनी
सांसद छत्रपाल गंगवार ने सबसे तीखा हमला विजिलेंस जांच के नाम पर हो रही कथित वसूली को लेकर बोला। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि उपभोक्ताओं से जांच के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। बिना मीटर रीडिंग के बिल बना दिए जाते हैं और फिर संशोधन के नाम पर लोगों को दफ्तरों के चक्कर कटवाए जाते हैं। सांसद ने दो टूक कहा—अगर यह खेल तुरंत बंद नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। उनके इस बयान से बैठक में सन्नाटा छा गया।
स्मार्ट मीटर पर बवाल, ‘निगेटिव बैलेंस = अंधेरा’ का आरोप
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गए हैं। जैसे ही बैलेंस निगेटिव होता है, तुरंत बिजली काट दी जाती है, जबकि पुराने मीटर वाले उपभोक्ता भारी बकाया होने के बावजूद बिजली का उपयोग करते रहते हैं। इससे उपभोक्ताओं में असमानता और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने इसे ‘तकनीकी भेदभाव’ बताते हुए सुधार की मांग की।
प्रोटोकॉल तोड़ा, फोन नहीं उठाया… JE पर गंभीर आरोप
बैठक में सिर्फ नीतियों पर ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठे। सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र गंगवार ने भोजीपुरा के जेई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया, बल्कि फोन तक उठाने से इनकार कर दिया। जब पीड़ित ने सांसद से बात कराने की बात कही तो जेई ने साफ मना कर दिया। इस पर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने संबंधित जेई को तत्काल तलब करने के निर्देश दिए। इससे साफ हो गया कि अब लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा।
‘बड़े बकायेदार चोर’… सांसद का सख्त संदेश
सांसद गंगवार ने ओटीएस योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 36 फीसदी वसूली बेहद कम है। उन्होंने बड़े बकायेदारों को ‘चोर’ तक कह दिया और निर्देश दिया कि ऐसे लोगों के खिलाफ नोटिस, आरसी और दंडात्मक कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने साफ कहा कि छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती और बड़े बकायेदारों पर ढिलाई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बयान बैठक का सबसे चर्चित और कड़ा संदेश साबित हुआ।
डबल कनेक्शन, बढ़ते बिल और चुनावी असर की चेतावनी
मीरगंज क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने ग्रामीण इलाकों की समस्या उठाते हुए बताया कि कई घरों में दो-दो कनेक्शन दे दिए गए हैं, जिससे गरीब उपभोक्ताओं के बिल 9 हजार रुपये तक पहुंच रहे हैं। साथ ही उपकरण चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने चेतावनी दी कि चुनावी वर्ष में बिजली और महंगाई ही सबसे बड़ा मुद्दा बनते हैं। अगर जनता का ‘तापमान’ नहीं संभाला गया तो इसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा।
अफसरों का आश्वासन, लेकिन अब कार्रवाई की घड़ी
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बैठक में भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का संज्ञान लिया गया है और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और कई के खिलाफ आरसी भी जारी की जा चुकी है। मार्च तक बकाया जमा न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधायक डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।