उत्तर प्रदेश के बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 2.64 किलोग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी जा रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी का नेटवर्क पंजाब तक फैला हुआ था और वह लंबे समय से ड्रग्स की सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमा रहा था।
बरेली में एएनटीएफ का बड़ा ऑपरेशन
उत्तर प्रदेश के बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने शनिवार देर रात एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक बरामद की। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से 2.64 किलोग्राम स्मैक मिली है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ 30 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने माना कि यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का सुराग है। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिससे यह संकेत मिला है कि नशे का यह कारोबार सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं था बल्कि इसका जाल कई राज्यों तक फैला हुआ था।
लंबे समय से मिल रही थी तस्करी की सूचना
एएनटीएफ को पिछले कई महीनों से बरेली और आसपास के जिलों में स्मैक की तस्करी की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। पुलिस को संदेह था कि शहर के रास्ते से ड्रग्स की बड़ी खेप दूसरे राज्यों में भेजी जा रही है। इसी बीच शनिवार रात एएनटीएफ को एक पुख्ता सूचना मिली कि एक युवक भारी मात्रा में स्मैक लेकर सप्लाई के लिए निकलने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएनटीएफ टीम तुरंत सक्रिय हो गई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई। इसके बाद टीम ने सुभाषनगर थाना क्षेत्र में बरेली-बदायूं रोड पर ग्राम रौंधी जाने वाले रास्ते के पास घेराबंदी की। कुछ ही देर में एक संदिग्ध युवक वहां से गुजरता दिखाई दिया। टीम ने उसे रोककर पूछताछ की और जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से स्मैक बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया बदायूं का तस्कर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शोभित गुप्ता पुत्र पप्पू गुप्ता निवासी ग्राम सैंजनी, थाना मूसाझाग जिला बदायूं बताया। पुलिस के मुताबिक शोभित गुप्ता काफी समय से नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ था। वह स्मैक की खरीद-फरोख्त कर बड़े पैमाने पर मुनाफा कमा रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और 560 रुपये नकद भी मिले हैं। मोबाइल फोन की जांच से भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंजाब तक फैला था ड्रग्स का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह स्मैक पाउडर की सप्लाई का काम करता था और उसकी सबसे ज्यादा सप्लाई पंजाब और उसके आसपास के क्षेत्रों में होती थी। पुलिस का मानना है कि पंजाब में ड्रग्स की मांग अधिक होने के कारण आरोपी वहां बड़े पैमाने पर नशे की खेप भेजता था। हर सप्लाई के बदले उसे भारी रकम मिलती थी। शनिवार को भी वह स्मैक की खेप लेकर सप्लाई करने जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही एएनटीएफ टीम ने उसे पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि अगर यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती तो कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी।
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ थाना सुभाषनगर में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
तकनीकी निगरानी से मिली बड़ी सफलता
इस कार्रवाई को सफल बनाने में एएनटीएफ की तकनीकी टीम की भी अहम भूमिका रही। एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ की सर्विलांस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर स्थानीय टीम को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई। इसी इनपुट के आधार पर एएनटीएफ बरेली यूनिट ने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
इन अधिकारियों की टीम ने किया ऑपरेशन
पूरे ऑपरेशन को एएनटीएफ यूनिट बरेली के प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
टीम में:
- हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार
- कांस्टेबल सौरभ चौधरी
- अंकित यादव
- कुश कुमार
- विनीत कुमार
- रसविंद्र चौधरी
- महिला कांस्टेबल छाया
शामिल रहे। इसके अलावा थाना सुभाषनगर के उपनिरीक्षक होराम सिंह और कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तलाश में
पुलिस का मानना है कि यह गिरफ्तारी सिर्फ शुरुआत है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अब उस पूरे नेटवर्क की तलाश की जा रही है जो नशे की तस्करी में शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। पुलिस ने यह भी कहा है कि युवाओं को नशे से बचाने और ड्रग्स माफिया पर शिकंजा कसने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।