Social Sharing icon

बरेली। शहर में अपराध, राजनीति और सोशल मीडिया के बीच घिरा ऋषभ ठाकुर मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की बहन का एक वीडियो वायरल होते ही पूरे शहर में चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में पुलिस पर हवालात के अंदर पिटाई का आरोप लगाया गया है, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

गिरफ्तारी के बाद वायरल वीडियो ने बढ़ाया बवाल

जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद मामला अचानक नया मोड़ ले बैठा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में आरोपी खुद हवालात के अंदर दिखाई देता है और दावा करता है कि उसे पुलिस ने पट्टे से पीटा है। इस वीडियो के सामने आते ही शहर में चर्चा और बहस का माहौल बन गया। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर सच्चाई क्या है—क्या आरोपी सच कह रहा है या यह सिर्फ सहानुभूति पाने की कोशिश है।

बहन का आरोप: “सार्वजनिक रूप से हुई पिटाई”

वीडियो में ऋषभ ठाकुर की बहन ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। उसका कहना है कि ठिरिया क्षेत्र में दूसरे समुदाय के लोगों के सामने ही उसके भाई की पिटाई की गई। उसने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी ने 35 से 40 बार पट्टे से मारा। यह बयान सामने आते ही मामला सिर्फ एक आरोपी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो ने जनमानस में हलचल जरूर पैदा कर दी है।

पुराने मामलों से घिरा आरोपी, पहले भी लगे वसूली के आरोप

ऋषभ ठाकुर पहले से ही कई आपराधिक मामलों में नामजद रहा है। उस पर आठ मुकदमे दर्ज हैं और वह खुद को हिंदूवादी नेता के रूप में पेश करता रहा है। इससे पहले स्पा सेंटर संचालिका से वसूली मांगने की ऑडियो भी वायरल हो चुकी है। ताजा मामले में आरोप है कि उसने दुबई से लौटे युवक शोएब के साथ मारपीट की और उससे सात हजार रुपये नकद तथा दो हजार रुपये यूपीआई के जरिए वसूले। इस घटना ने उसकी छवि को और विवादित बना दिया है और पुलिस के लिए कार्रवाई करना मजबूरी बन गया था।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज

कैंट थाना क्षेत्र में युवक की पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। रविवार रात ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट और धमकी देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके पास से 3300 रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार था और जिला बदर होने के बावजूद शहर में छिपकर अपराध कर रहा था। इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

पूछताछ में गुमराह करने की कोशिश, नेटवर्क की जांच शुरू

पूछताछ के दौरान ऋषभ ठाकुर ने अपने कुछ साथियों के नाम लेकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जांच में वे लोग निर्दोष पाए गए। पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया, हालांकि शहर न छोड़ने की हिदायत दी गई है। अब पुलिस कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस का दावा बनाम आरोप—सच क्या है?

एसपी सिटी मानुष पारीक के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ दो नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं—एक वसूली और मारपीट का, दूसरा जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने का। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है। वहीं दूसरी ओर आरोपी और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोप इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वायरल वीडियो में दिखाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आएगी या यह मामला सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *