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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बैरिया तहसील में तैनात एसडीएम आलोक प्रताप सिंह को उनके ही पालतू कुत्ते ने काट लिया। डॉग बाइट के कारण उनके दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए और सूजन इतनी ज्यादा हो गई कि वे साइन करने की स्थिति में नहीं रहे। मजबूरी में जब उन्होंने छुट्टी का आवेदन दिया तो उसमें हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाना पड़ा। अब एसडीएम की यही लीव एप्लीकेशन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

बलिया में सामने आया हैरान करने वाला मामला

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। बैरिया तहसील में तैनात एसडीएम आलोक प्रताप सिंह को उनके ही पालतू कुत्ते ने काट लिया। इस घटना में उनके दोनों हाथ बुरी तरह घायल हो गए। चोट इतनी गंभीर थी कि वे हस्ताक्षर करने की स्थिति में भी नहीं रहे। इसी कारण जब उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया तो हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाना पड़ा। अब उनका यही लीव एप्लीकेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

पालतू कुत्ते ने अचानक किया हमला

मिली जानकारी के अनुसार एसडीएम आलोक प्रताप सिंह को कुत्तों का काफी शौक है और उन्होंने एक पालतू डॉगी भी पाल रखा है। होली से ठीक एक दिन पहले उनके माता-पिता उनसे मिलने बैरिया पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि तीन मार्च की सुबह एसडीएम अपने माता-पिता के साथ घर के लॉन में बैठकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान उनका पालतू कुत्ता अचानक भौंकने लगा। एसडीएम ने उसे शांत कराने के लिए उसका पट्टा पकड़कर लॉन में ले जाने की कोशिश की, लेकिन अचानक कुत्ते ने उनके हाथ को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। यह हमला इतना तेज था कि वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए घबरा गए।

दूसरे हाथ को भी काट लिया

घटना के दौरान जब एसडीएम ने दूसरे हाथ से कुत्ते का जबड़ा हटाने की कोशिश की तो कुत्ते ने उस हाथ को भी काट लिया। इससे दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए। बताया जाता है कि कुत्ता काफी आक्रामक हो गया था। इसी बीच वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बोतल से उस पर पानी डाल दिया। इसके बाद कुत्ते ने उनका हाथ छोड़ा। लेकिन तब तक दोनों हाथों में गहरे घाव हो चुके थे और खून निकलने लगा था। इस घटना से घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अस्पताल में कराया गया इलाज

घटना के तुरंत बाद एसडीएम को अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और जरूरी इंजेक्शन लगाए। हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि घाव काफी गहरे हैं और दोनों हाथों में सूजन भी ज्यादा है। ऐसे में कुछ दिनों तक हाथों से सामान्य काम करना मुश्किल हो सकता है। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी।

बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रवाना

डॉक्टरों की सलाह के बाद एसडीएम आलोक प्रताप सिंह बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रवाना हो गए। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों से उनका इलाज कराया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने पांच मार्च को जिलाधिकारी को छुट्टी का आवेदन भेजा। इस आवेदन में उन्होंने साफ लिखा कि पालतू कुत्ते के काटने से उनके दोनों हाथ जख्मी हो गए हैं और सूजन के कारण वे साइन करने में सक्षम नहीं हैं।

छुट्टी के आवेदन में लगाना पड़ा अंगूठा

हाथों में गंभीर चोट के कारण एसडीएम हस्ताक्षर नहीं कर सके। इसलिए उन्होंने लीव एप्लीकेशन में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगा दिया। यही आवेदन बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि एक प्रशासनिक अधिकारी को भी ऐसी परिस्थिति में अंगूठा लगाना पड़ा।

अतिरिक्त प्रभार दूसरे एसडीएम को

एसडीएम के छुट्टी पर जाने के बाद प्रशासन ने बैरिया तहसील का काम प्रभावित न हो, इसके लिए तुरंत व्यवस्था की। जिलाधिकारी ने बांसडीह के एसडीएम संजय कुशवाहा को बैरिया तहसील का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। इससे प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रह सकेगा।

2023 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं

एसडीएम आलोक प्रताप सिंह 2023 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 12 फरवरी 2024 को बलिया में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था। कम समय में ही वे अपने कामकाज को लेकर चर्चा में रहे हैं। हालांकि अब पालतू कुत्ते के काटने की यह घटना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आवेदन

एसडीएम की छुट्टी का आवेदन जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों के बीच यह तेजी से वायरल होने लगा। कई लोग इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे हैरान करने वाली घटना कह रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

डॉक्टरों की सलाह पर आराम

डॉक्टरों ने एसडीएम को कुछ दिनों तक आराम करने की सलाह दी है ताकि घाव ठीक हो सकें और सूजन कम हो सके। फिलहाल वे इलाज के लिए दिल्ली में हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद वे फिर से अपने पद पर लौटेंगे

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