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नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने विशिष्ट पहनावे को लेकर चर्चा में रहे। इस बार पीएम मोदी ने गहरे मरून रंग का कढ़ाईदार साफा पहनकर न सिर्फ परंपरा को आगे बढ़ाया, बल्कि भारतीय संस्कृति, शौर्य और आत्मगौरव का भी संदेश दिया। सुनहरी मोर पंख की आकृति से सजे इस साफे ने देश-विदेश में लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर पहनावा केवल फैशन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, क्षेत्रीय पहचान और राष्ट्रवादी भावनाओं का प्रतीक बन चुका है। 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भी पीएम मोदी ने इस परंपरा को निभाते हुए एक बेहद खास साफा पहना, जिसने समारोह में अलग ही गरिमा जोड़ दी।

मरून साफा बना चर्चा का केंद्र

इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने गहरे मरून रंग का साफा पहना था, जिस पर सुनहरे रंग की मोर पंख आकृति की कढ़ाई की गई थी। मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और इसकी आकृति को शक्ति, सौंदर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। साफे के अंतिम हिस्से में हरे और पीले रंग का सुंदर मिश्रण दिखाई दिया, जो भारतीय विविधता और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है।

पूरे परिधान में दिखी संतुलित शालीनता

साफे के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने सफेद पायजामा, नेवी ब्लू कुर्ता और उसके ऊपर आसमानी नीले रंग की हाफ ब्लेज़र पहनी थी। यह संयोजन आधुनिकता और परंपरा का सुंदर मेल प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी का हर रंग चयन सोच-समझकर किया जाता है, ताकि वह राष्ट्रीय अवसर की गंभीरता और गरिमा के अनुरूप हो।

क्यों खास होता है पीएम मोदी का साफा?

प्रधानमंत्री मोदी का साफा केवल एक परिधान नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश भी होता है। वे अक्सर देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पगड़ियों, साफों और टोपियों को चुनते हैं, जिससे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूती मिलती है।

पिछले गणतंत्र दिवसों की झलक

  • 76वां गणतंत्र दिवस: गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा
  • 75वां गणतंत्र दिवस: गुजरात और राजस्थान की पहचान ‘बांधनी’ प्रिंट वाला बहुरंगी साफा
  • 2023: कुर्ता-चूड़ीदार के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा
  • 2022: उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, जिसमें ब्रह्मकमल बना था

ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है और इसे आध्यात्मिक महत्व भी प्राप्त है, जिसे पीएम मोदी केदारनाथ यात्राओं में भी उपयोग करते रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर भी रही साफे की परंपरा

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर अब तक हर स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग रंगों और शैलियों के साफे पहने हैं।

  • 2014: लाल जोधपुरी बंधेज साफा
  • 2015: पीला लहरिया साफा
  • 2016: गुलाबी-पीला टाई-एंड-डाई
  • 2018: केसरिया साफा
  • 2019: बहुरंगी राजस्थानी साफा

राजस्थानी साफा या पगड़ी प्रधानमंत्री की सबसे पसंदीदा शैली मानी जाती है, जो वीरता और सम्मान का प्रतीक है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता है हर लुक

हर साल की तरह इस बार भी पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस लुक सोशल मीडिया पर छा गया। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों ने उनके साफे की तस्वीरें शेयर कीं और इसे “संस्कृति का गौरव” बताया। फैशन एक्सपर्ट्स से लेकर आम नागरिकों तक, सभी ने उनके लुक की सराहना की।

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