अमरोहा। आस्था और श्रद्धा से भरी कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले ही 42 वर्षीय हरिओम पर मौत बनकर गोलियां बरसीं। हरिद्वार से कांवड़ लाने घर से निकले युवक को अज्ञात हमलावरों ने जंगल में घेरकर दो गोलियां मार दीं और लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। सीने और कमर में गोली लगने से गंभीर घायल हरिओम को मेरठ रेफर किया गया है। डॉक्टरों ने अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए हैं, वहीं पुलिस होश में आने के बाद बयान का इंतजार कर रही है।
अमरोहा से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने कांवड़ यात्रा की पवित्र भावना को दहला दिया है।
हरिद्वार से कांवड़ लेने निकला 42 वर्षीय हरिओम शनिवार सुबह घर से तो आस्था के साथ निकला था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह जंगल में खून से लथपथ पड़ा मिला। सीने पर एक गोली, कमर के पीछे दूसरी गोली… और आसपास बिखरी शराब की बोतलें। यह मंजर सिर्फ एक हमले की कहानी नहीं, बल्कि साजिश, रंजिश और रहस्य के कई सवाल खड़े कर रहा है।
सुबह निकले, कुछ घंटों बाद मौत से जूझते मिले
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सलामतपुर निवासी हरिओम (42) शनिवार सुबह हरिद्वार कांवड़ लाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिवार को क्या पता था कि कुछ ही समय बाद एक फोन कॉल उनकी दुनिया हिला देगा। नौगावां सादात क्षेत्र के मूंढा मुकारी के जंगल के पास सत्संग भवन के करीब रास्ते में एक व्यक्ति के पड़े होने की सूचना मिली। जब स्थानीय लोग पास पहुंचे तो दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था—हरिओम मरणासन्न अवस्था में पड़े थे, कपड़े खून से भीगे हुए थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
दो गोलियां… सीधे जान लेने की मंशा?
पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने हरिओम को दो गोलियां मारीं। एक गोली उनके सीने में सामने से और दूसरी कमर के पीछे लगी। गोली लगने के बाद उन्हें वहीं मरने के लिए छोड़ दिया गया। यह अंदेशा जताया जा रहा है कि हमला बेहद नजदीक से और प्लानिंग के तहत किया गया। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस को यह भी संदेह है कि हमलावरों ने पहले उन्हें रोका, संभवतः बातचीत या बहस हुई, फिर अचानक फायरिंग कर दी गई।
शराब की बोतलें और गिलास—साजिश का इशारा?
जंगल में जहां हरिओम पड़े मिले, वहीं से शराब की खाली बोतल और गिलास बरामद किए गए हैं। यही तथ्य जांच को और उलझा रहा है। क्या हमलावर पहले से वहीं मौजूद थे? या हरिओम को किसी बहाने से वहां बुलाया गया? पुलिस इस एंगल पर गंभीरता से काम कर रही है कि कहीं परिचित लोगों ने बुलाकर घात तो नहीं लगाई थी। यदि ऐसा है तो यह सिर्फ लूट या अचानक हमला नहीं, बल्कि सुनियोजित वारदात हो सकती है।
48 घंटे सबसे अहम
घायल हरिओम को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सीने में लगी गोली ने आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें सघन निगरानी में रखा गया है। परिवार के लोग अस्पताल में प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि गांव में दहशत का माहौल है।
पुलिस जांच तेज, फोरेंसिक टीम मौके पर
सुबह करीब 8 बजे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ अवधमान भदौरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक के होश में आने के बाद ही वारदात की असली वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
घेरकर गोली मारने का अंदेशा
घटनास्थल की परिस्थितियों और गोलियों के निशान देखकर यह आशंका और मजबूत हो रही है कि हरिओम को घेरकर गोली मारी गई। यदि सामने और पीछे से गोली लगी है तो यह एक से ज्यादा हमलावरों की ओर इशारा करता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी पुरानी रंजिश का मामला है या फिर कोई व्यक्तिगत विवाद इस हमले की जड़ में है।
आस्था के रास्ते पर खून… जनता में आक्रोश
कांवड़ यात्रा से पहले इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि श्रद्धालु भी सुरक्षित नहीं हैं तो कानून-व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। गांव में चर्चा है कि हरिओम किसी विवाद में नहीं थे, इसलिए हमला और भी रहस्यमय लग रहा है। वहीं पुलिस सभी पहलुओं पर जांच की बात कह रही है।