महाकुंभ 2025 में माला बेचते हुए वायरल हुई मोनालिसा की कहानी अब एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। बॉलीवुड में कदम रखने के बाद उसने अभिनेता फरमान खान से केरल के एक मंदिर में शादी कर ली। जैसे ही इस विवाह की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर बहस का तूफान उठ खड़ा हुआ। परिवारों के विरोध के साथ-साथ कई धार्मिक संगठनों ने भी इस शादी को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज ने इसे लेकर कड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी है कि अगर मामला स्पष्ट नहीं हुआ तो विरोध और तेज हो सकता है।
महाकुंभ से शुरू हुई पहचान, बॉलीवुड तक पहुंची कहानी
मोनालिसा की कहानी महाकुंभ 2025 से शुरू हुई, जब प्रयागराज में माला बेचते हुए उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। साधारण जीवन जीने वाली यह युवती अचानक इंटरनेट सेंसेशन बन गई। वायरल होने के बाद उसे मनोरंजन जगत से भी ऑफर मिलने लगे। बताया जाता है कि इसी दौरान वह फिल्मों से जुड़े लोगों के संपर्क में आई और धीरे-धीरे बॉलीवुड की दुनिया में कदम रख दिया।
केरल के मंदिर में हुई शादी, सोशल मीडिया पर मचा विवाद
मोनालिसा और फरमान खान ने केरल के एक मंदिर में शादी की। इस शादी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोग इसे दो व्यक्तियों का निजी फैसला बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं। इस मामले ने धार्मिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है। कई संगठनों ने इस शादी को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज ने भी इस विवाह को लेकर कड़ा बयान दिया है और कहा है कि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
यशवीर महाराज का बयान और विरोध की चेतावनी
स्वामी यशवीर महाराज ने इस शादी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाह विवादित परिस्थितियों में हुआ है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह मामला सही तरीके से स्पष्ट नहीं हुआ तो समाज में विरोध बढ़ सकता है। यशवीर महाराज ने यह भी कहा कि मंदिर में विवाह कराने वाले पुजारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनके बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।
परिवारों का भी विरोध, दोनों पक्षों में नाराजगी
इस विवाह को लेकर दोनों परिवारों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मोनालिसा के इंदौर स्थित परिवार को जब इस शादी की जानकारी मिली तो उन्होंने नाराजगी जताई। बताया जाता है कि उन्होंने इस विवाह को रोकने की कोशिश भी की थी। दूसरी ओर बागपत के पलड़ा गांव में रहने वाले फरमान खान के परिवार ने भी इस विवाह से असहमति जताई है। फरमान के पिता जाफर अली का कहना है कि उन्हें इस शादी की जानकारी पहले से नहीं थी और उन्हें यह खबर दूसरों से मिली।
पुलिस सुरक्षा में संपन्न हुआ विवाह
रिपोर्ट्स के अनुसार जब परिवारों के विरोध की स्थिति बनी तो मोनालिसा ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की। इसके बाद केरल पुलिस की मौजूदगी में मंदिर में विवाह की रस्म पूरी कराई गई। बताया जा रहा है कि दोनों फिलहाल केरल में ही रहने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस मामले पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा और सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक इस पर चर्चा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक शादी का नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक बहस का रूप ले चुका है।