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मेरठ/कानपुर। कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में बड़ा खुलासा हुआ है। मेरठ का कुख्यात शातिर परवेज सैफी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह डॉक्टर अफजाल के साथ 500-500 रुपये की गड्डियों के बीच बैठा नजर आया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

नोटों की गड्डियों वाला वीडियो बना सबूत

हाल ही में सामने आए वीडियो में परवेज सैफी और डॉक्टर अफजाल नोटों की गड्डियों के साथ दिखाई दिए। इस वीडियो ने पूरे किडनी रैकेट की परतें खोल दीं और पुलिस को जांच में बड़ी मदद मिली।

डॉक्टरों की टीम को शहर-दर-शहर घुमाता था

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि परवेज इस गिरोह का अहम सदस्य था। वह डॉक्टरों की टीम को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का काम करता था। कई बार वह डॉक्टर रोहित की टीम को अपनी गाड़ी से मेरठ से कानपुर लेकर गया।

सिर्फ ड्राइवर नहीं, सिंडिकेट का हिस्सा

पुलिस का कहना है कि परवेज की भूमिका सिर्फ ड्राइवर तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह पूरे नेटवर्क में बराबर का हिस्सेदार था। उसका साथी अंकित गाड़ियों की व्यवस्था करता था।

30 मार्च को हुआ था रैकेट का खुलासा

कानपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा अस्पताल में 30 मार्च को अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का पर्दाफाश हुआ था। इस मामले में मेरठ की पारुल तोमर का ट्रांसप्लांट किया गया था, जबकि बिहार के बेगूसराय निवासी आयुष ने दलालों के जरिए किडनी बेची थी।

8 आरोपी पहले ही जेल में, कई डॉक्टर फरार

इस केस में अस्पताल संचालक डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति सुरजीत आहूजा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी डॉक्टर रोहित, डॉक्टर वैभव, डॉक्टर अमित, डॉक्टर अफजाल और डॉक्टर अली अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले

मेरठ पुलिस के मुताबिक परवेज सैफी के खिलाफ पहले से ही लूट और डकैती जैसे सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह के और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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